• search
For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS  
For Daily Alerts

    थैंक्‍यू इंडिया: सरकार की हिचक के बाद दिल्‍ली नहीं अब धर्मशाला में होगा दलाई लामा का कार्यक्रम

    |

    नई दिल्‍ली। दलाई लामा के भारत आने के 60 वर्ष पूरे होने पर तिब्‍बत की निर्वासित सरकार की ओर से जो कार्यक्रम दिल्‍ली में होने थे, अब वह कार्यक्रम हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में होंगे। तिब्‍बती सरकार की ओर से यह कदम कैबिनेट सेक्रेटरी पीके सिन्‍हा के उस एडवाइजरी नोट के बाद उठाया गया है जिसमें राजनेताओं और सरकारी अधिकारियों को तिब्‍बत सरकार के कार्यक्रमों से दूर रहने को कहा गया था। तिब्‍बत की सरकार की ओर से 'थैंक्‍यू इंडिया' कैंपेन के तहत कई तरह के आयोजन किए जाने वाला है। जहां एक तरफ तिब्‍बत के नेताओं की ओर से कहा गया है कि वे भारत की 'चिंताओं' और 'बाध्‍यताओं' को समझते हैं तो वहीं केंद्र सरकार भी इस बात को समझ रही है कि सिन्‍हा के कदम से तिब्‍बत की सरकार में गुस्‍सा है और उन्‍हें काफी तकलीफ हुई है।

    dalai-lama-thank-you-india-tibet.jpg

    विदेश सचिव के नोट के बाद लिया गया फैसला
    दिल्‍ली में दलाई लामा के प्रतिनिधि न्‍गो धोंगचुंग ने इस बात की पुष्टि की है कि अब इस कार्यक्रम को दिल्‍ली की जगह धर्मशाला में आयोजित किया जाएगा। शुक्रवार को इंडियन एक्‍सप्रेस की एक रिपोर्ट में इस बात की जानकारी दी गई थी कि विदेश सचिव विजय गोखले की ओर से कैबिनेट सेक्रेटरी पीके सिन्‍हा को नोट लिखा गया है। इस नोट में सिन्‍हा को चीन के साथ संवेदनशील होते रिश्‍तों के बारे में बताया गया है। उन्‍होंने इस नोट में खासतौर पर 'थैंक्‍यू इंडिया' कैंपेन का जिक्र किया है जिसका आयोजन तिब्‍बत की निर्वासित सरकार की ओर से दिल्‍ली के त्‍यागराज स्‍टेडियम में एक अप्रैल से होना है। इस कार्यक्रम में तिब्बितयों के धर्मगुरु दलाई लामा भी आएंगे और इस कार्यक्रम में कई भारतीय राजनेताओं और अधिकारियों को भी बुलाने की योजना थी। गोखले ने सिन्‍हा से कहा था कि सरकारी अधिकारियों और राजनेताओं को इस कार्यक्रम में जाने से बचना चाहिए। चीन, तिब्‍बत को अपना आतंरिक हिस्‍सा बताता है और तिब्‍बत की सरकार को मान्‍यता नहीं देता है।

    तिब्‍बती समुदाय को हुई सरकार के कदम से तकलीफ
    धोंगचुंग ने इस बारे में और जानकारी दी। उन्‍होंने बताया कि कार्यक्रम 31 मार्च की जगह अब एक अप्रैल हो होगा। माना जा रहा है कि तिब्‍बत की सरकार की ओर से इस कार्यक्रम के लिए बीजेपी के वरिष्‍ठ नेता लाल कृष्‍ण आडवाणी और पूर्व प्रधानमंत्री डॉक्‍टर मनमोहन सिंह को इनवाइट किया गया था। पूर्व पीएम के ऑफिस की ओर से हालांकि इस बात से इनकार कर दिया गया है कि उन्‍हें इस तरह का कोई इनवाइट मिला है। वहीं आडवाणी से जुड़े सूत्रों के मुताबिक उन्‍हें इनवाइट मिला था। उन्‍होंने कार्यक्रम में जाने की मंजूरी नहीं दी थी।

    अब तिब्‍बत की सरकार इस कार्यक्रम को हाई प्रोफाइल रखने की जगह एक साधारण कार्यकम की तरह रखेगी। जब धोंगचुंग से पूछा गया कि क्‍या भारत के इस कदम से उन्‍हें निराशा हुई है तो उनका जवाब था कि कुछ लोग इस बात से निराश हो सकते हैं लेकिन हम भारत में मेहमान हैं। भारतीय लोग अभी तक हमारे लिए काफी दयालु रहे हैं और हम उनकी मजबूरियों को समझते हैं। कहा जा रहा है कि तिब्‍बत के कुछ वरिष्‍ठ अधिकारी तिब्‍बती समुदाय में मौजूद तकलीफ को भांप रहे हैं। तिब्‍बती एक्टिविस्‍ट्स ने इस बात को साफ कर दिया है कि यह दलाई लामा को व्‍यक्तिगत तौर पर चोट पहुंचाने जैसा है।

    जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

    देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
    English summary
    Tibetans shift Dalai Lama event from New Delhi to Dharamshala after central government advisory.
    For Daily Alerts

    Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
    पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

    Notification Settings X
    Time Settings
    Done
    Clear Notification X
    Do you want to clear all the notifications from your inbox?
    Settings X
    X
    We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more