MP News: उड़ीसा में सरकार बनाने को लेकर मध्य प्रदेश के तीन भाजपा नेताओं को मिली बड़ी जिम्मेदारी
Orissa BJP Government News: मंत्री विश्वास सारंग, भोपाल सांसद आलोक शर्मा भाजपा के प्रदेश मंत्री लोकेंद्र पाराशर सरकार के गठन में निभाएंगे महत्वपूर्ण भूमिका। तीनों को तत्काल उड़ीसा जाने के मिले निर्देश। आज शाम उड़ीसा पहुंचेंगे तीनों नेता सरकार के गठन और शपथ ग्रहण समारोह की तैयारी को लेकर निभाएंगे भूमिका।
बता दे ओडिशा विधानसभा चुनाव में भाजपा ने इतिहास रचा है, दरअसल, पहली बार बीजेपी ने विधानसभा की 147 सीटों में से 78 सीटों पर विजय प्राप्त की। इस चुनाव में सत्तारूढ़ बीजू जनता दल (बीजद) 51 सीटों पर रही, जबकि कांग्रेस को 14 सीटें मिली और अन्य दलों को दो सीटें प्राप्त हुईं। इस जनादेश के परिणामस्वरूप, भारतीय जनता पार्टी की ओडिशा में सरकार बनाने की तैयारी है। आज, बीजेपी विधायक दल की बैठक होने जा रही है, जिसमें मुख्यमंत्री का नाम तय होने की संभावना है।

कौन आलोक शर्मा, जिन्हें उड़ीसा की मिली जिम्मेदारी
आलोक शर्मा भोपाल के पूर्व महापौर और वर्तमान में भोपाल लोकसभा सीट से सांसद चुने गए हैं। उन्होंने हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव में भोपाल से कांग्रेस प्रत्याशी अरुण श्रीवास्तव को करीब 5 लाख वोटो से चुनाव हराया है। आलोक शर्मा को पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान का चेला माना जाता है। इसके अलावा आलोक शर्मा अपने विवादित बयानों के लिए भी अक्सर चर्चाओं में रहते हैं।
कौन है विश्वास सारंग, जिन्हें उड़ीसा की मिली जिम्मेदारी
भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता कैलाश सारंग के बेटे विश्वास सारंग मध्य प्रदेश शासन में मंत्री हैं। पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल में भी वे मंत्री रहे। इसके बाद जब मध्य प्रदेश में मोहन यादव सरकार का गठन हुआ तो उन्हें कैबिनेट में शामिल किया गया। विश्वास सारंग भोपाल के नरेला विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं।
कौन है लोकेंद्र पाराशर
बता दे मध्य प्रदेश के वरिष्ठ पत्रकारों में लोकेंद्र पाराशर की भी गिनती होती है। लेकिन वर्तमान में लोकेंद्र पाराशर भारतीय जनता पार्टी के एक नेता के तौर पर जाने जाते हैं। पाराशर लंबे समय तक मध्य प्रदेश भाजपा के मीडिया प्रभारी रहे। बता दे मध्य प्रदेश से भाजपा के यह तीनों वरिष्ठ नेता उड़ीसा में सरकार बनाने के लिए वहां के भाजपा विधायकों से चर्चा करेंगे।
कौन बनेगा ओडिशा का मुख्यमंत्री, इन नामों पर चर्चा
ओडिशा में मुख्यमंत्री पद की रेस के लिए मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में केंद्रीय मंत्री रहे धर्मेंद्र प्रधान, भाजपा के प्रवक्ता संबित पात्रा, जम्मू-कश्मीर के पूर्व उपराज्यपाल गिरीश मुर्मु, और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मनमोहन सामल के साथ सीएम नवीन पटनायक को चुनाव हराने वाले लक्ष्मण बाग का नाम चर्चा में है। बीजेपी की अद्वितीय जीत के बाद, पार्टी अब उस नेता का चयन करने की प्रक्रिया में है जो प्रदेश को एक मजबूत और प्रभावशाली नेतृत्व प्रदान कर सके।
लक्ष्मण बाग, जिन्होंने अपनी चालाकी और रणनीति से ओडिशा के राजनीतिक मंच पर अपनी पहचान बनाई, अब मुख्यमंत्री पद के लिए एक शक्तिशाली विकल्प के रूप में उभर रहे हैं। उनके नेतृत्व के तहत बीजेपी ने ओडिशा में भूमिका बदल दी है, जिससे पार्टी ने राज्य की राजनीति में एक महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है।
लक्ष्मण बाग का चुनावी प्रचार, उनकी करिश्मा, और जनमानस के बीच उनकी पॉपुलैरिटी में एक उच्च स्तर की वृद्धि हुई है। इससे वह एक प्रमुख उम्मीदवार बन गए हैं जिनका चेहरा और नेतृत्व ओडिशा के लोगों के बीच बहुत पसंद किया जा रहा है।
इस समय, जब भाजपा ओडिशा में सत्ता में आई है, उन्हें एक ऐसे नेता की आवश्यकता है जो राज्य के विकास और सुधार के लिए सक्रिय और संवेदनशील नेतृत्व प्रदान कर सके। इस प्रकार, लक्ष्मण बाग के उम्मीदवार होने से भाजपा की प्राकृतिक विकास प्रक्रिया को एक नई दिशा मिल सकती है, जिससे राज्य की जनता को विकास और समृद्धि के लिए एक सशक्त विकल्प मिल सके।












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