कोरोना संकट के बीच 24 महिला डॉक्टरों की यह अनोखी मुहिम, जिसकी हर कोई कर रहा प्रशंसा

त्रिवेंद्रम। कोरोना के कारण हर तरफ सन्‍नाटा हैं, हमें अपने घर से बाहर निकलने में भी डर लग रहा है वहीं देश में ऐसे भी लाखों की संख्‍या में लोग है जो अपनी जान जोखिम में डाल कर दिन-रात एक कर कोरोना के मरीजों की सेवा कर रहे हैं। अपनी भूख-प्‍यास, नींद समेत सारी इच्‍छाओं को त्यागकर और अपनें परिवार से दूर रहते हुए दिल का सारा दर्द भुला कर कोरोना पेसेन्‍ट का इलाज कर ज़िन्दगियाँ बचा रहे डाक्टर भगवान का ही तो रूप हैं। ये डाक्टर अस्‍पताल में तो कोरोना वायरस को हराने के लिए योद्धा की तरह लगातार लड़ रहे हैं वही त्रिवेंद्रम के एक अस्‍पताल की 24 महिला डाक्टरों ने अपनी ड्यूटी कंपलीट करने के बाद एक ऐसा कार्य करके पूरी दुनिया को संदेश दिया है जो हम सबके लिए प्रेरणादायी होने के साथ इस मुश्किल घड़ी में हौसला बढ़ाने वाला है।

 ड्यूटी से लौटने के बाद 24 महिला डाक्टरों ने की ये पहल

ड्यूटी से लौटने के बाद 24 महिला डाक्टरों ने की ये पहल

दरअसल, केरल की राजधानी त्रिवेंद्रम के एसके अस्पताल की 24 महिला डाक्टरों का एक वीडियो बना कर सोशल मीडिया पर पोस्‍ट किया हैं ।इन महिलाओं डाक्टरों की इस पहल की जमकर तारीफ हो रही हैं। मालूम हो कि अस्‍पताल में मरीजों का इलाज करने के बाद अपने घरों पर जाने के बाद इन महिला डाक्टरों ने अपने घर पर दीप प्रज्जवलित कर भक्ति गीत 'लोकम मुज़ुवन सुखम पखारन' के साथ ईश्वर से प्रार्थना की और संदेश दिया कि ये लड़ाई हम सबकी है, मिलकर लड़नी है इसके साथ ही ये संदेश दिया कि मानवता की सेवा के लिए हमारी तरह आप सब भी इस मुश्किल घड़ी में एकजुट रहें। ये लड़ाई हम सबकी है, मिलकर लड़नी हैअगर जज्बा और नीयत हो, तो असंभव को भी संभव बनाया जा सकता है।

महात्मा गांधी ने त्रिवेद्रम को यूं ही नहीं थी ये संज्ञा

इन महिला डाक्टरों ने मुश्किल घड़ी में ये जज्बा दिखा कर पूरे देश को एक सकारात्मक रहने और ईश्‍वर पर विश्‍वास रखकर ये कोरोना के खिलाफ अपने-अपने स्‍तर पर इस युद्ध में अपना योगदान देने के लिए प्ररित किया हैं। त्रिवेद्रम के इन डाक्‍टरों की ये एकजुटता और जज्बा ये सिद्ध करता है कि ये नगरी भारत की इस मुश्किल घड़ी में भी सदाबहार नगरी हैं। मालूम हो कि देश के दक्षिणी पश्चिमी तट पर बसे इस नगर को महात्मा गांधी ने भारत का सदाबहार नगर की संज्ञा दी थी।

केरल की डब्लूएचओ ने भी की प्रशंसा

केरल की डब्लूएचओ ने भी की प्रशंसा

बता दें देश में केरल ही ऐसा राज्य था जो सबसे पहले कोरोना वायरस से प्रभावित हुआ लेकिन कहते है अगर जज्बा हो तो असंभव को भी संभव बनाया जा सकता हैं ये ही कारण हैं कि केरल अब कोरोना वायरस के प्रकोप पर काफी हद तक काबू पा चुका हैं। इसमें बहुत बड़ा योगदान यहां के चिकित्सकों का रहा। डब्लूएचओ तक ने केरल में कोरोना वायरस के खिलाफ मजबूती से लड़ी लड़ाई की सराहना की है।

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