आज से पहले भी यात्री विमानों को हवा में बनाया गया है निशाना

हादसा कैसे हुआ ?
मलेशिया के अनुसार बोइंग एमएच-17 एम्सटर्डम से शिफोल हवाई अड्डे से 17 जुलाई को समयानुसार सुबह सवा दस बजे उड़ा था। लेकिन चार घंटे बाद ही विमान का संपर्क टूट गया। जानकारी के मुताबिक, जिस वक्त विमान से संपर्क टूटा, वह रूसी हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने वाला था।
एम्सटर्डम से कुआलालंपुर जा रहा विमान 33,000 फीट की ऊंचाई पर उड़ रहा था, जब बक मिसाइल के द्वारा इस पर निशाना बनाया गया। और मिनटों में यह विमान आग के गोले में तबदील होकर जमीन पर आ गिरा। विमान के जलते टुकड़ों को रूसी सीमा से 50 किमी दूर पूर्वी यूक्रेन के विद्रोहियों के नियंत्रण वाले इलाके में गिरता देखा गया।
लेकिन यह पहली बार नहीं है जब किसी यात्री विमान को निशाना बनाकर उस पर हमला किया गया हो। इससे पहले भी ऐसी कई घटनाओं ने दुनिया को दहलाया है।
1. कोरियन विमान- 902
20 अप्रैल 1978 में पैरिस से सियोल जा रही कोरियन विमान-902 सोवियत संघ के पास रास्ता भटक गयी। जिसके बाद इसे एक अवरोधक विमान का सामना करना पड़ा। जिसने विमान पर जम कर गोलियां बरसायीं। लिहाजा, स्थिति को काबू में करने के लिए कोरियन विमान के पॉयलट ने विमान को रात में ही एक जमे हुए झील की सतह पर उतारा। इस घटना में 97 यात्रियों में से दो की मृत्यु हुई थी।
2. कोरियन विमान-007
1 सितंबर 1983 को कोरियन विमान-007 पर सोवियत संघ द्वारा हमला किया गया था। जिसमें 29 क्रू मेंबर समेत सभी 240 यात्रियों की मौत हो गई थी। सोवियत संघ ने हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल के प्रयोग से यह हमला तब किया था, जब कोरियन विमान अपना रास्ता भटक गई थी।
3. इरान एयरक्राफ्ट-655
3 जुलाई 1988 को अमेरिकी नौसैनिक पोत U.S.S. Vincennes ने सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल से इरान के एयरक्राफ्ट-655 पर हमला किया था। अमेरिका द्वारा किए गए इस हमले में 16 क्रू के सदस्यों समेत 274 यात्रियों की मौत हो गयी थी।
4. लीबियन अरब एयरलाइन्स
21 फरवरी 1973 में लीबियन अरब एयरलाइन्स के बोइंग-727 को इजरायली विद्रोहियों ने निशाना बनाया था। जिसमें 108 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि पांच लोग बच गए थे। लीबियन विमान अपना रास्ता भटक गई थी। और अधिकारियों के अनुसार पॉयलट ने विद्रोहियों के निर्देश को अनसुना करते हुए विमान वहां लैंज कर दिया था।
5. अमेरिकी हेलीकॉप्टर
14 अप्रैल 1994 में दो अमेरिकी लड़ाकू विमानों एफ-15 सी ने गलती से अमेरिकी सेना की ब्लैकहौक हेलीकॉप्टरर्स को रूस निर्मित इराकी हेलीकॉप्टरर्स एमआई-24 समझकर हमला कर दिया। दोनों विमान नो- फ्लाई जोन में उड़ रहे थे। इस घटना में सभी 26 लोगों की मौत हो गयी थी।












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