अगस्त में आएगी कोरोना की तीसरी लहर, लेकिन दूसरी की अपेक्षा होगी कमजोर: मेडिकल बॉडी
नई दिल्ली, जुलाई 15: देश में कोरोना की दूसरी लहर के मामलों में भले ही कमी देखने को मिल रही है, लेकिन इसके साथ ही कोरोना की तीसरी लहर की भी आहट सुनाई देने लगी है। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद में महामारी विज्ञान और संक्रामक रोगों के प्रमुख डॉ समीरन पांडा ने कहा कि, कोविड की तीसरी लहर अगस्त के अंत में देश में आने की संभावना है और संभावना है कि यह दूसरी लहर की तरह तीव्र नहीं होगी।

उन्होंने कहा कि तीसरी लहर राष्ट्रव्यापी होगी लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि यह दूसरी लहर जितनी ऊँची या उतनी ही तीव्र होगी। उन्होंने कहा कि चार चीजें तीसरी लहर की ओर ले जा सकती हैं। इनमें से पहला उदाहरण है जहां पहली और दूसरी लहर के कारण प्रतिरक्षा प्राप्त हुई है अगर वह नीचे जाती है, तो यह तीसरी लहर को जन्म दे सकती है। दूसरी कारण कोरोना का वेरिएंट हो सकता है, अगर वायरस बाईपास के जरिए इम्यूनिटी हासिल कर लेता है।
डॉक्टर पांडा ने बताया कि, तीसरा कारण- नया वेरिएंट प्रतिरक्षा को बायपास करने में सक्षम नहीं हो सकता है लेकिन आबादी में तेजी से फैल सकता है। चौथा - अगर राज्यों द्वारा समय से पहले प्रतिबंध हटा दिए जाते हैं, तो इससे नए सिरे से मामलों में उछाल आ सकता है। यह पूछे जाने पर कि क्या इसमें शामिल वेरिएंट डेल्टा प्लस हो सकता है, उन्होंने कहा कि डेल्टा और डेल्टा प्लस दोनों ने देश को भारी पड़ सकता है। मुझे डेल्टा संस्करण से किसी और सार्वजनिक स्वास्थ्य कहर की उम्मीद नहीं है।
इस हफ्ते की शुरुआत में देश के शीर्ष डॉक्टरों के निकाय इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने कहा था कि वैश्विक तौर पर सबूत होने और किसी भी महामारी के इतिहास के साथ, तीसरी लहर अपरिहार्य और आसन्न है, हालांकि, यह भी चिंताजनक है कि देश के कई हिस्सों में सरकार और जनता दोनों ही आत्मसंतुष्ट हैं और लोग कोविड प्रोटोकॉल का पालन किए बिना सामूहिक तौर पर इकट्ठा होने में जुटे हुए हैं।












Click it and Unblock the Notifications