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भारत में तेजी से बढ़ रहा है हृदय रोग,मोटापा, शुगर ही नहीं अब प्रदूषित हवा भी बना रही आपको हृदय रोगी

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    नई दिल्ली। भारत में हृदय रोगियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। 1990 से लेकर 2016 तक के बीच हृदय रोग में 50 फीसदी बढ़ोतरी हुई है। हृदय रोग के साथ-साथ मधुमेह, कैंसर जैसी खतरनाक बीमारियों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। इन रोगों के बढ़ने के पीछे जो वजह सामने आई है वो बेहद हैरान करने वाली है। बढ़ा हुआ रक्तचाप, हाई शुगर और कॉलेस्ट्रॉल बढ़ने से हृदय रोग का खतरा बढ़ता है। ये वो वजह है, जिसके बारे में हम सब जानते हैं, लेकिन ताजा रिसर्च में जो बातें सामने आई है वो बेहद परेशान करने वाली है। रिसर्च के मुताबिक प्रदूषित हवा तलोगों को तेजी से हृदय रोग का मरीज बना रही है?

     भारत में बढ़ रहे हैं हृदय रोगी

    भारत में बढ़ रहे हैं हृदय रोगी

    प्रतिष्ठित जर्नल द लेंसेट के मुताबिक भारत में तेजी से हृदय रोगियों की संख्या बढ़ रही है। रिपोर्ट के मुताबिक 1990 से लेकर 2016 के बीच भारत में हृदय रोगियों की संख्या में 50 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। भारत के हर राज्य में हृदय रोगियों की संख्या में 50 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है। अध्ययन के मुताबिक, 1990 में कुल मौतों में हृदय रोगों की हिस्सेदारी 15.2 फीसदी थी, जो साल 2016 में बढ़कर 28.1 फीसदी हो गई। साल 1990 में हृदय रोगों के 2.57 करोड़ मरीज थे, जो 2016 में बढ़कर 5.47 करोड़ हो गईं।

    क्यों बढ़ रहे हैं भारत में हृदय रोगी

    क्यों बढ़ रहे हैं भारत में हृदय रोगी

    रिपोर्ट के मुताबिक हृदय रोग का सबसे बड़ा कारण खानपान में गड़बड़ी, फैट, मोटापा, ब्लड प्रेशर और डायबिटीज के साथ- साथ वायु प्रदूषण है। आंकड़ों के मुताबिक 56.4 फीसदी मामलों में आहार की गड़बड़ी से लोग हृदय रोग की चपेट में आ रहे हैं, जबकि ब्लड प्रेशर की वजह से 54.6% और प्रदूषित हवा की वजह से 31.1% लोग हृदय रोग के शिकार बन रहे हैं। वहीं रिपोर्ट के मुताबिक 1990 से 2016 के दौरान देश में डायबिटीज मरीजों की संख्या में ढाई गुना बढ़ोतरी हुई है।

     गलत लाइफस्टाइल और प्रदूषण की वजह से बढ़े मामले

    गलत लाइफस्टाइल और प्रदूषण की वजह से बढ़े मामले

    हृदय रोग की वजह से मरने वालों की संख्या में भी लगातार बढ़ोतरी हो रही है। साल 1990 से लेकर 2016 के बीच हृदय रोग की वजह से 1.3 मिलियन लोगों की मौत हो गई। विश्व की कुल संख्या का 18 फीसदी हिस्सा भारत में रहता है जिसमें 23 प्रतिशत लोग हृदय रोग से ग्रसित है। राज्यों की बात करें तो 1990 से 2016 के बीच राज्यों में हृदय रोगियों की संख्या में 10.2 मिलियन से 23.8 मिलियन की बढ़ोतरी हो गई है। सबसे ज्यादा हृदय रोगियों की संख्या केरल,पंजाब, तमिलनाडु, अरुणाचल प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, महाराष्ट्र, गोवा और पश्चिम बंगाल में है।शोधकर्ता प्रो. प्रभाकरण के मुताबिक हाई ब्लड प्रेशर. हाई कॉलेस्ट्रॉल, हाई ग्लूकोज और मोटापा हृदय रोग के सबसे बड़े कारक हैं। जानकार मानते हैं कि वायु प्रदूषण, खराब खानपान और गलत लाइफस्टाइल की वजह से भारत में हृदय रोग बढ़े हैं।

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    English summary
    Incidences of heart disease have increased by more than 50 per cent among Indians, and are being aggravated by a wide-range of triggers such as "salt, sugar, fat consumption and air pollution", a study published in The Lancet Global Health journal has highlighted.

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