मॉडर्ना के साथ कमर्शियल सप्लाई को लेकर अभी कोई समझौता नहीं- सिप्ला
सिप्ला लिमिटेड ने कहा कि सिप्ला लिमिटेड भारत को दान किए जाने वाले टीकों के रेग्यूलेट्री अप्रूवल और आयात के साथ मॉडर्ना का समर्थन कर रहा है। इस स्तर पर कॉमर्शिय सप्लाई को लेकर अभी कोई समझौता नहीं हुआ है।
नई दिल्ली, 29 जून। भारत के औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) ने आज मुंबई स्थित दवा कंपनी सिप्ला को आपात उपयोग के लिए मॉडर्ना की कोरोना वैक्सीन के आयात को मंजूरी दे दी। यह कोविशील्ड, कोवैक्सीन और स्पूतनिक वी वैक्सीन के बाद भारत में चौथी वैक्सीन होगी। हालांकि सिप्ला को भारत में मॉडर्ना वैक्सीन के केवल आपात इस्तेमाल की मंजूरी दी गई है।

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कोरोना के खिलाफ तीनों वैक्सीन से ज्यादा प्रभावी मॉडर्ना
बता दें कि भारत में इस्तेमाल हो रही अन्य तीन वैक्सीनों से तुलना करें तो मॉडर्ना कोरोना के खिलाफ सबसे ज्यादा प्रभावी है। जहां स्पूतनिक वी 91 प्रतिशत, कोवैक्सिन 77.8 प्रतिशत और कोविशील्ड 74 प्रतिशत असरकारक है वहीं मॉडर्ना कोरोना के खिलाफ 94 फीसद असरकारक है।
कोविड टास्क फोर्स के प्रमुख वीके पॉल ने इस बात की जानकारी देते हुए कहा, 'मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि मॉडर्ना के भारतीय भागीदार सिप्ला द्वारा मॉडर्ना के भारत में इस्तेमाल के लिए किए गए आवेदन को स्वीकार कर लिया गया है। जल्द ही वैक्सीन भारत में आएगी लेकिन उससे पहले सिप्ला को अन्य औपचारिकताओं का पालन करना होगा।' डॉ पॉल ने कहा कि अभी के लिए मॉडर्ना को केवल नियामक मंजूरी दी गई है।
बता दें कि मॉडर्ना को अमेरिका में इस्तेमाल की पहले ही मंजूरी मिली हुई है इसलिए भारत में इसका ट्रायल नहीं किया जाएगा, क्योंकि भारत सरकार ने पहले ही यह स्पष्ट कर दिया है कि जिस वैक्सीन को अमेरिका और यूरोप में इस्तेमाल की मंजूरी मिली हुई है उसे बिना ट्रायल के ही मंजूरी दे दी जाएगी।












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