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कोरोना वायरस को लेकर सांसदों से लेकर सरकार तक में खलबली, उठ रही है ये मांग

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नई दिल्ली- कोरोना वायरस की आशंका से पूरी दुनिया सहमी हुई है। इसका खौफ सांसदों और सरकार के प्रतिधिनिधियों को भी सता रहा है। अब सांसदों की ओर से मांग उठ रही है कि स्कूल-कॉलेजों की तरह संसद की कार्यवाही को भी कोरोना वायरस के मद्देनजर स्थगित कर दिया जाय। ये मांग मोदी सरकार के मंत्री भी कर रहे हैं। एक सांसद ने तो इसके लिए बाकायदा वेंकैया नायूड और ओम बिड़ला को लिखित आवेदन भी दिया है। गौरतलब है कि इसी वायरस की वजह से शुक्रवार को ओडिशा विधानसभा की कार्यवाही 29 मार्च तक स्थगित कर दी गई है। अब सांसद भी अपने लिए ऐसी ही मांग कर रहे हैं, क्योंकि वे नहीं चाहते कि संसद आने के चक्कर में वो किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आ जाएं।

आम आदमी पार्टी के सांसद का खत

आम आदमी पार्टी के सांसद का खत

आम आदमी पार्टी के सांसद सुशील गुप्ता ने शुक्रवार को राज्यसभा के सभापति और लोकसभा के स्पीकर को पत्र लिखकर गुजारिश की है कि कोरोना वायरस के प्रकोप को देखते हुए संसद के मौजूदा सत्र को स्थगित कर दिया जाना चाहिए। गुप्ता ने कहा कि, 'मैंने राज्यसभा के सभापति वेंकैया नायडू और लोकसभा के स्पीकर ओम बिड़ला को पत्र लिखकर उनसे ये गुजारिश है कि कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए संसद के मौजूदा सत्र को निलंबित कर दें।' लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने गुरुवार को बताया था कि कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए संसद सत्र को अनिश्चित काल के लिए स्थगित करने का कोई प्रस्ताव नहीं है। बता दें कि भारत में 17 विदेशियों समेत इस वायरस के कुल 81 मरीज सामने आ चुके हैं, जिनमें से कर्नाटक में एक की मौत हो चुकी है।

'सत्र छोटा करने पर विचार करे सरकार'

'सत्र छोटा करने पर विचार करे सरकार'

उधर सरकार की ओर से भी इसी तरह की मांग उठ रही है। शिरोमणि अकाली दल की नेता और केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने कहा है कि 'सरकार को कोरोना वायरस के प्रकोप से बचाव के लिए संसद के सत्र को छोटा करने के बारे में सोचना चाहिए।' उन्होंने कहा, 'हालात को देखते हुए कहा जा सकता है कि संसद में लोगों का भारी जमावड़ा होता है, क्योंकि यहां देश के अलग-अलग हिस्सों के लोग आते हैं, वे लोग एक-दूसरे के अगल-बगल में ही बैठते भी हैं। कोरोना वायरस महामारी को रोकने के लिए, मुझे लगता है कि सरकार को संसद सत्र को छोटा करने के बारे में सोचना चाहिए।' उन्होंने ये भी कहा कि बचाव के लिए उनका मंत्रालय ये कोशिश कर रहा है कि सभी बैठकें ऑनलाइन या विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हों। इसके साथ ही हर कमरे में सैनिटाइजर भी रखा जा रहा है और अगर कोई बीमार होता है तो उसे तबतक घर पर रहने के लिए कहा जाता है जबतक कि सारे टेस्ट सही न आ जाएं।

ओडिशा में विधानसभा का सत्र स्थगित

ओडिशा में विधानसभा का सत्र स्थगित

बता दें कि कोरोना वायरस के बचाव के लिए ही शुक्रवार को ओडिशा विधानसभा की कार्यवाही अगले 29 मार्च तक के लिए स्थगित कर दी गई है। ओडिशा सरकार ने शुक्रवार को ही कोरोना वायरस को स्टेट डिजास्टर घोषित किया है। इसके तहत सारे स्कूल, कॉलेज, शिक्षण संस्थान और सिनेमा हॉल 31 मार्च तक के लिए बंद कर दिए गए हैं। बिहार सरकार ने भी इसी तरह का फैसला लिया है। दिल्ली और हरियाणा में भी ऐसे ही कदम उठाए गए हैं। उत्तर प्रदेश में अभी तक के लिए 22 मार्च तक स्कूल-कॉलेज और बाकी शिक्षण संस्थानों को बंद कर दिया गया है। बता दें कि विश्व स्वास्थ संगठन इस वैश्विक महामारी घोषित कर चुका है और दुनिया भर में सौ से ज्यादा देशों में इस बीमारी के लक्षण वाले 1.38 लाख से ज्यादा मरीज सामने आ चुके हैं, जिनमें से पांच हजार से ज्यादा की मौत हो चुकी है।

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English summary
There is a panic in coronavirus from MPs to the government, this demand is rising
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