Krishnavataram Review: श्रीकृष्ण के चमत्कारों से ज्यादा उनके दिल की बात करती है 'कृष्णावतारम', पढ़ें रिव्यू
फिल्म- कृष्णावतारम-पार्ट वन द हर्ट (हृद्यम)
स्टारकास्ट- सिद्धार्थ गुप्ता, संस्कृती जयाना, सुष्मिता भट्ट, निवाशीनी कृष्णन
डायरेक्टर- हार्दिक गज्जर
रन टाइम- 2 घंटे 30 मिनट
स्टार- 3 (***)
Krishnavataram-Part 1: The Heart (Hridayam) Review: एक्शन और रोमांस ड्रामा के बाद अब बॉलीवुड में माइथोलॉजिकल फिल्मों की होड़ मच गई है। इस साल की सबसे चर्चित फिल्म 'रामायण' है लेकिन इसके पहले सिनेमाघरों में आज यानी 7 मई 2026 को 'कृष्णावतारम्-पार्ट 1' रिलीज हुई है, जो सिर्फ एक फिल्म नहीं, एक एहसास भी है।

क्या है 'कृष्णावतारम्-पार्ट 1' की कहानी
जैसे श्रीकृष्ण की बांसुरी से निकली कोई मधुर धुन, जो सुनते ही मन को कहीं दूर, वृंदावन की गलियों में ले जाती है। ये कहानी भगवान कृष्ण की है लेकिन यहां चमत्कारों से ज्यादा उनके दिल की बात होती है। राधा के साथ उनका प्रेम, रुक्मिणी की समर्पण भरी भावना और सत्यभामा का स्वाभिमान।
भगवान श्रीकृष्ण की खूबसूरत चित्र की कथा
हर रिश्ता एक अलग रंग भरता है और सब मिलकर एक खूबसूरत चित्र बनाता है। फिल्म की कहानी के बारे में ज्यादा कुछ कहना इसके मजा को मार सकता है। कहा जाए कि स्पॉइलर हो सकता है। ऐसे में फिल्म सिनेमाघर में ही देखना चाहिए।
फिल्म की स्टारकास्ट और उनकी एक्टिंग
-एक्टिंग की बात करें तो फिल्म 'कृष्णावतारम् पार्ट 1' में सिद्धार्थ गुप्ता भगवान श्रीकृष्ण की भूमिका निभा रहे हैं। उनके हाव भाव और इमोशन भी भगवान की छवि को दिखाते हैं। कृष्ण जितने सरल और सौम्य हैं, यहां सिद्धार्थ ने उसे भी अच्छे तरीके से दिखाया है। वह भगवान के रोल में सवेंदनशील भी लगे हैं।
-सुष्मिता भट्ट राधा के रूप में नजर आई हैं। दोनों की केमेस्ट्री भी यहां काफी खूबसूरत है। संस्कृति पटेल सत्यभामा के रूप में और निवाशिनी कृष्णन रुक्मिणी के रूप में नजर आ रही हैं। इसके अलावा सपोर्टिंग एक्टर्स ने भी अच्छा काम किया है।
तकनीकी रूप से सधी हुई है फिल्म
-फिल्म का हर फ्रेम किसी पेंटिंग जैसा लगता है। रंग, रोशनी और इमोशन एक साथ मिलकर एक अलग ही दुनिया रचते हैं। इस फिल्म की आत्मा संगीत है, जो हर सीन को एक आध्यात्मिक स्पर्श देता है। फिल्म टेक्निकल तौर पर कसी हुई है। स्क्रीनप्ले से लेकर म्यूजिक और कैमरा से लेकर एडटिंग तक, सब कुछ सटीक है।
-हालांकि VFX बेहतर हो सकते थे लेकिन बजट के हिसाब से वो भी शिकायत नहीं रहती है। फिल्म के डायलॉग्स भी अच्छे हैं और शब्दों की गरिमा और भाव को बनाए रखते हैं। बतौर निर्देशक हार्दिक गज्जर का काम अच्छा है, हालांकि कुछ गुंजाइश रह जाती है लेकिन बतौर दर्शक, इमोशन्स को जिस तरह से उकेरा गया है वो भी खटकती नहीं है।
क्यों देखें 'कृष्णावतारम् पार्ट 1'?
फिल्म आपको जल्दबाजी में नहीं ले जाती, ये आपको ठहरना सिखाती है। महसूस करना सिखाती है। अगर आप सिनेमा में सिर्फ कहानी नहीं बल्कि एक एहसास ढूंढते हैं, तो ये फिल्म आपके लिए है। इस फिल्म को जितने सुकून और ठहराव के साथ देखेगें उतना ही इसका चाव मिलेगा। वजह है कृष्ण की कहानी और उनके जीवन के प्रेम और त्याग, जो इस फिल्म में बड़े ही सही तरीके से दिखाया गया है।













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