इस साल गणतंत्र दिवस की परेड में नहीं दिखाई देगी पश्चिम बंगाल की झांकी, जानिए बड़ी वजह
नई दिल्ली। केंद्र और पश्चिम बंगाल सरकार के बीच एक बार फिर टकराव देखने को मिला है। गणतंत्र दिवस के अवसर पर राजधानी दिल्ली में हर साल आयोजित होने वाली परेड में इस बार पश्चिम बंगाल झांकी देखने को नहीं मिलेगी। दरअसल, 26 जनवरी को होने वाली भव्य परेड में देश के अलग-अलग राज्यों की झाकियां निकलती हैं लेकिन इस बार गृह मंत्रालय ने परेड के लिए पश्चिम बंगाल की झांकी को स्वीकार नहीं किया है। एक्सपर्ट कमिटी ने 2 राउंड की मीटिंग के बाद बुधवार को पश्चिम बंगाल के प्रस्ताव को खारिज कर दिया।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक वर्ष 2020 के गणतंत्र दिवस परेड के लिए 56 झाकियों के प्रस्ताव गृह मंत्रालय को प्राप्त हुए थे। इनमें से 32 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मंत्रालय या विभाग से आए थे। गणतंत्र दिवस परेड पर हुए पांच दौर की बैठक के बाद 56 झाकियों के प्रस्ताव में से 16 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 22 प्रस्तावों और मंत्रालयों व विभागों की 6 झाकियों को इस बार के परेड में शामिल होने के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है। बता दें कि चुने हुए प्रस्तावों में पश्चिम बंगाल की झांकी का प्रस्ताव नहीं है।
सीएए और एनआरसी पर है टकराव
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और केंद्र सरकार के बीच सीएए और एनआरसी को लेकर टकराव जगजाहिर है। गणतंत्र दिवस परेड में पश्चिम बंगाल की झांकी को शामिल न किए जाने की ऐसी संभावना है कि दोनों सरकारों में टकराव बढ़ सकता है। बता दें कि साल 2018 में भी पश्चिम बंगाल की झांकी को परेड में शामिल नहीं किया गया था और इस बार उसके प्रस्ताव को खारिज कर दिया गया है।












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