अफगानिस्तान में सिख और हिंदुओं का दर्द बताता है कि CAA कितना जरूरी था- हरदीप सिंह पुरी
अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद देश से भारत के लोगों की निकासी के बीच केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने रविवार को कहा कि इससे पता चलता है कि नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) को लागू करना कितना आवश्यक था।
नई दिल्ली, 22 अगस्त। अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद देश से भारत के लोगों की निकासी के बीच केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने रविवार को कहा कि इससे पता चलता है कि नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) को लागू करना कितना आवश्यक था। उन्होंने ट्वीट कर कहा, 'हमारे अस्थिर पड़ोस में हालिया घटनाक्रम और जिस तरह से सिख और हिंदू एक कष्टदायक समय से गुजर रहे हैं, ठीक यही कारण है कि नागरिकता संशोधन अधिनियम को लागू करना आवश्यक था।'

विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता अरिंदम बागची ने अफगानिस्तान से भारत के लोगों की निकासी का एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें वहां से निकाले गए लोगों को भारत माता की जय के नारे लगाते हुए देखा जा सकता है। भारतीय वायु सेना द्वारा एक विशेष निकासी उड़ान रविवार को 168 यात्रियों को लेकर हिंडन एयरबेस पहुंची, जिसमें अफगानिस्तान के पूर्व सांसद भी शामिल थे, जिन्होंने निकासी के लिए भारत सरकार को धन्यवाद दिया।
अफगानिस्तान संकट ने विवादास्पद नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) को फिर से चर्चा में ला दिया है जिसका उद्देश्य अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान से सताए गए हिंदुओं, सिखों, बौद्धों, जैनियों, पारसियों और ईसाइयों को भारतीय नागरिकता प्रदान करना है, जो भारत में दिसंबर 2014 से पहले पहुंचे थे। इस अधिनियम के तहत नियमों को अधिसूचित किया जाना बाकी है।
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केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कहा कि वह सभी भारतीयों और अफगान सिखों और हिंदुओं को वापस लाने के लिए प्रतिबद्ध है। गृह मंत्रालय ने हाल ही में वीजा प्रावधानों की समीक्षा की है और ऑनलाइन आवेदन करने के लिए अफगान नागरिकों - मुख्य रूप से हिंदुओं और सिखों के लिए एक नई ई-वीजा श्रेणी बनाई है। बता दें कि इस सप्ताह की शुरुआत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अफगान स्थिति पर उच्च अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की थी और सभी अधिकारियों को भारतीय नागरितों की सुरक्षित निकासी सुनिश्चित करने और भारत आने के इच्छुक सिखों और हिंदुओं को शरण देने का निर्देश दिया।
बता दें कि शनिवार को तालिबान ने कथित तौर पर 70 अफगान सिखों और हिंदुओं को अफगानिस्तान से निकासी से रोक दिया था, इस बेड़े में संसद की एक सिख सदस्य अनारकली कौर होनारयार और नरेंद्र पाल सिंह शामिल थे। उन्होंने दावा किया कि तालिबान ने इसको लेकर कहा कि वे अफगान नागरिक हैं और उड़ान भारतीयों के लिए थी।












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