नरहरि जिरवाल: ठाकरे सरकार का भविष्य 5 कारणों से जिनके हाथों में है
महाराष्ट्र के मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य में अचानक से विधानसभा उपाध्यक्ष नरहरि जिरवाल की भूमिका बेहद अहम हो गई है.
दरअसल शिवसेना के बाग़ी गुट के 37 नेताओं ने शुक्रवार को जिरवाल को एक ख़त लिखा है और कहा है कि एकनाथ शिंदे उनके नेता हैं.
इससे दो दिन पहले एकनाथ शिंदे ने 34 विधायकों के हस्ताक्षर वाला एक पत्र जिरवाल को लिखा था जिसमें एकनाथ शिंदे को समूह का नेता और भरत गोगोवले को व्हिप जारी करने वाले नेता के तौर पर मान्यता देने की सिफारिश की गई थी.
लेकिन जिरवाल ने कहा है कि 34 विधायकों के हस्ताक्षर वाला पत्र अभी उनकी नज़रों में नहीं आया है. जिरवाला ने गुरुवार सुबह प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कई मुद्दों पर अपनी बात रखी है.
https://www.youtube.com/watch?v=LBHoCirmThQ
नितिन देशमुख ने किया दावा
वैसे एकनाथ शिंदे के 34 विधायकों के हस्ताक्षर वाले पत्र के बारे में बालापुर के विधायक नितिन देशमुख ने दावा किया है कि इस पत्र में उनके हस्ताक्षर फर्जी हैं. उन्होंने कहा कि वे अंग्रेजी में हस्ताक्षर करते आए हैं, जबकि इस पत्र में उनके हस्ताक्षर मराठी में हैं.
बहरहाल, नरहरि जिरवाल ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह ज़रूर कहा है कि उन्हें राज्य के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे का पत्र ज़रूर मिला था जिसके आधार पर उन्होंने अजय चौधरी को विधानसभा में पार्टी का नेता और सुनील प्रभु को पार्टी की ओर से व्हिप जारी करने वाले नेता के तौर नियुक्त किया है.
जिरवाल से जब पूछा गया कि अगर उन्हें शिवसेना के दो तिहाई विधायकों का पत्र मिलता है तो क्या वे उन्हें अलग गुट के तौर पर मान्यता देंगे? इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में वे सोच विचार करके ही फ़ैसला लेंगे.
https://www.youtube.com/watch?v=FzLWKd0R94g
नरहरि जिरवाल की भूमिका अहम क्यों है?
नरहरि जिरवाल महाराष्ट्र विधानसभा के उपाध्यक्ष हैं. महाराष्ट्र विधानसभा के अध्यक्ष पद से नाना पटोले ने महाराष्ट्र कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष बनने के लिए इस्तीफ़ा दे दिया था, इसके बाद से यह पद खाली पड़ा हुआ है.
इसके चलते विधानसभा की देखरेख की ज़िम्मेदारी उपाध्यक्ष के तौर पर नरहरि जिरवाल ही करते आ रहे हैं, इसलिए मौजूदा समय में वे अचानक से महत्वपूर्ण हो गए हैं.
उनकी भूमिका कितनी महत्वपूर्ण है, इसको जानने के लिए बीबीसी मराठी ने राजनीति और संवैधानिक मामलों के जानकार अशोक चौसालकर से बातचीत की.
उन्होंने बताया कि मौजूदा समय में जिरवाल की भूमिका बेहद अहम है क्योंकि -
1. अगर एकनाथ शिंदे अपने गुट की अलग मान्यता के लिए आवेदन करते हैं, तो उनका आवेदन नरहरि जिरवाल के पास ही आएगा और वे इस पर फ़ैसला लेंगे.
2. अगर जिरवाल ने अलग गुट को मान्यता दी तो उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली महाविकास अघाड़ी सरकार गिर सकती है.
3. जिरवाल अगर शिंदे गुट को मान्यता नहीं देते हैं तो यह मामला अदालत में जाएगा.
4. अगर उद्धव ठाकरे सरकार के ख़िलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव पास होता है तो सदन की कार्यवाही चलाने की ज़िम्मेदारी जिरवाल पर होगी और ऐसे में उनकी भूमिका अहम होगी.
5. अशोक चौसालकर यह भी याद दिलाते हैं कि पाकिस्तान में नेशनल असेंबली ने इमरान ख़ान सरकार के ख़िलाफ़ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव को ख़ारिज कर दिया था.
वैसे सबसे अहम पहलू यह है कि विधानसभा उपाध्यक्ष बनने से पहले जिरवाल एनसीपी के विधायक थे.
मौजूदा घटनाक्रम पर एनसीपी नेता शरद पवार ने उद्धव ठाकरे को समर्थन देने की बात की है. उन्होंने कहा है कि अगर बाग़ी नेताओं को उद्धव ठाकरे सरकार से अपना समर्थन वापिस लेना है तो इसके लिए उन्हें महाराष्ट्र आना होगा और इसका फ़ैसला सदन में फ्लोर टेस्ट कराकर किया जाना चाहिए.
https://www.youtube.com/watch?v=PG6SLmQZAPI&t=2s
नरहरि जिरवाल कौन हैं?
नरहरि जिरवाल नासिक ज़िले के डिंडोरी से एनसीपी विधायक हैं. वे विधानसभा उपाध्यक्ष के पद पर निर्विरोध चुने गए थे.
जिरवाल को समाज के उपेक्षित और वंचित लोगों के लिए काम करने वाले जन प्रतिनिधि के तौर पर देखा जाता है. उन्हें जाननेवाले लोगों के मुताबिक़ वो बेहद सरल और विनम्र स्वभाव के व्यक्ति हैं.
बीबीसी मराठी से जुड़े पत्रकार प्रवीण ठाकरे के मुताबिक़ आदिवासी इलाकों में काम करने से उनके राजनीतिक जीवन की शुरुआत हुई थी.
बहरहाल, जिरवाल को शरद पवार का बेहद क़रीबी माना जाता है और वे खुद भी लोगों से संपर्क बनाए रखने में यक़ीन करने वाले नेता है.
प्रवीण ठाकरे के मुताबिक़ जिरवाल की पहचान आदिवासी समुदाय के लिए लगातार काम करने वाले नेता की रही है.
- शिवसेना के घर में फूट डालने के पीछे बीजेपी के होने के ये पाँच संकेत
- उद्धव ठाकरे का नेतृत्व क्यों है सवालों के घेरे में?
- महाराष्ट्र में बीजेपी की रणनीति और शिव सेना में बग़ावत की कहानी
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)
-
Ravindra Kaushik Wife: भारत का वो जासूस, जिसने PAK सेना के अफसर की बेटी से लड़ाया इश्क, Viral फोटो का सच क्या? -
Iran Vs America: ईरान की 'सीक्रेट मिसाइल' या सत्ता जाने का डर, अचानक ट्रंप ने क्यों किया सरेंडर -
US Iran War: 5 दिन के सीजफायर की बात, 10 मिनट में Trump का पोस्ट गायब! ईरान ने कहा- 'हमारे डर से लिया फैसला’ -
Iran War Impact: क्या महंगे होंगे पेट्रोल-डीजल और LPG सिलेंडर? संसद में PM मोदी ने दिया बड़ा अपडेट -
Bangalore Gold Silver Rate Today : सोना-चांदी धड़ाम, बैंगलोर में कहां पहुंचा ताजा भाव? -
US Iran War: ईरान ने की Trump की घनघोर बेइज्जती, मिसाइल पर फोटो, लिखी ऐसी बात कि लगेगी मिर्ची- Video -
LPG Crisis: 14.2 किलो के सिलेंडर में अब सिर्फ इतनी KG ही मिलेगी गैस! LPG किल्लत के बीच सरकार ले सकती है फैसला -
Petrol Shortage In Ahmedabad: अहमदाबाद में पेट्रोल पंप पर लगी लंबी लाइन, प्रशासन ने जारी किया अलर्ट -
Ravindra Kaushik कौन थे? Dhurandhar क्यों कहलाए? Pakistan में कैसे मेजर बना भारत का जासूस? जेल में गुमनाम मौत -
PM Modi Speech Highlights: संसद में गरजे PM मोदी, Hormuz Strait पर दिया बड़ा बयान, भारत का बताया प्लान -
West Bengal Election 2026: बंगाल की ये 7 सीटें बना सकती हैं नया CM! जहां हार-जीत का अंतर 1000 वोट से भी था कम -
Anjali Arora Net Worth: 'काचा बादाम गर्ल' ने शुरू किया ये बिजनेस, कैसे छापेंगी नोट? कितनी संपत्ति की मालकिन?












Click it and Unblock the Notifications