जम्‍मू कश्‍मीर में मेड इन चाइना ग्रेनेड्स से सुरक्षाबलों को बनाया जा रहा है निशाना

श्रीनगर। इंटेलीजेंस एजेंसियों की ओर से जारी एक रिपोर्ट में कहा गया है कि कश्‍मीर घाटी में जो आतंकवादी सक्रिय हैं, पाकिस्‍तान उन्‍हें चीन के बने हैंड ग्रेनेड सप्‍लाई कर रहा है। न केवल हैंड ग्रेनेड बल्कि आतंकियों को चीन के बने अल्‍ट्रा मॉर्डन हथियार सप्‍लाई किए जा रहे हैं। एजेंसियों की मानें तो पाकिस्‍तान ऐसा इसलिए कर रहा है ताकि वह भारत में अपनी गतिविधियों से इनकार कर सके। एजेंसियों ने यह दावा कुछ काउंटर इनसर्जेंसी ऑपरेशंस के बाद किया है।

एलओसी से अंदर आते ग्रेनेड्स

एलओसी से अंदर आते ग्रेनेड्स

एक मीडिया रिपोर्ट का दावा है कि अब तक सुरक्षाबलों को आतंकियों के पास से 70 हैंड ग्रेनेड्स मिले हैं जो चीन में बने हैं। एजेंसियों की ओर से कहा है कि सुरक्षाबलों को अलग-अलग संगठन के आतंकियों के पास से कुछ हथियार मिले हैं जिनमें पिस्‍तौल, आर्मर पियरसिंग इनसेनडायरी (एपीआई) शेल्‍स और ट्रेसर राउंड्स खास हैं और ये भी चीन के ही बने हैं। एजेंसियों ने अपनी रिपोर्ट में पिछले 15 माह के समय का जिक्र किया है। इंटेलीजेंस ब्‍यूरो (आईबी) अधिकारियों के मुताबिक ज्‍यादातर हैंड ग्रेनेड लाइन ऑफ कंट्रोल (एलओसी) के जरिए कश्‍मीर घाटी में शामिल हो रहे हैं।

ग्रेनेड अटैक बने आतंकियों की पहली पसंद

ग्रेनेड अटैक बने आतंकियों की पहली पसंद

सुरक्षाबलों की पेट्रेालिंग पार्टी, बंकर, गाड़‍ियों या फिर कैंप पर ग्रेनेड फेंकने की जो घटना हुई है, उनमें या तो प्रशिक्षित आतंकी शामिल थे या फिर ओवर ग्राउंड वर्कर्स (ओजीडब्लू) को शामिल किया गया था। मंगलवार को घाटी में एक ग्रेनेड अटैक हुआ है जो त्राल में नेशनल कॉन्‍फ्रेंस के नेता के घर पर हुआ। एक अधिकारी के मुताबिक हैंड ग्रेनेड हमला आतंकियों को इसलिए आसान लगता है क्‍योंकि इसके लिए किसी को भी कोई खास तरह की ट्रेनिंग देने की जरूरत नहीं होती है।

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लश्‍कर से लेकर जैश तक के आतंकी शामिल

लश्‍कर से लेकर जैश तक के आतंकी शामिल

सात मार्च को जम्‍मू के आईएसबीटी बस स्‍टैंड पर भी एक ग्रेनेड अटैक हुआ था। इस हमले में दो लोगों की मौत हो गई थी तो वहीं 32 लोग घायल हो गए थे। एक अधिकारी की मानें तो अभी तक इन हमलों को चीन और पाकिस्‍तान में बने ग्रेनेड्स की मदद से अंजाम दिया जा रहा था। लेकिन अब हैरानी की बात है चीनी ग्रेनेड्स के प्रयोग में अचानक से तेजी देखी गई है। घाटी में लश्‍कर-ए-तैयबा, हिजबुल मुजाहिद्दी, अल बदर और यहां तक कि जैश-ए-मोहम्‍मद के आतंकी ओजीडब्‍लू और आतंकियों की मदद से सुरक्षाबलों की गाड़‍ियों, कैंप्‍स और उनके बंकर्स पर ग्रेनेड अटैक्‍स को अंजाम दे रहे हैं।

नार्थ ईस्‍ट में भी चीनी हथियार

नार्थ ईस्‍ट में भी चीनी हथियार

पिछले दो वर्षों में कश्‍मीर घाटी के अलावा नॉर्थ ईस्‍ट में सुरक्षाबलों को जो हथियार बरामद हुए थे वे चीन के बने थे। विशेषज्ञों की मानें तो चीनी हथियारों को भारत लाने के लिए या तो पाकिस्‍तान का रास्‍ता चुना जाता है या फिर नेपाल का। नेपाल का बॉर्डर जम्‍मू कश्‍मीर से नहीं लगा है तो ऐसे में पाकिस्‍तान के रास्‍ते हथियार भारत भेजे जाते हैं।

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