जम्मू में आतंकी हमला, जानिए जंगलोट को ही क्यों बनाया निशाना

आतंकी एक बोलैरो गाड़ी में जम्मू-पठानकोट हाइवे पर रूके थे और उसी समय उन्होंने गोलीबारी शुरू कर दी। पुलिस के मुताबिक यह आतंकी भागने में कामयाब हो गए और जंगलोट में आर्मी कैंप के पास छिपने में कामयाब रहे हैं। फिलहाल आर्मी ने इलाके को घेर लिया है और हेलीकॉप्टरों के जरिए इन आतंकियों की तलाश की जा रही है।
ताज़ा अपडेट इस प्रकार हैं कि कठुआ के जंगलोट इलाके में आतंकियों और सेना के बीच रह-रह कर गोलीबारी हो रही है।
जंगलोट को ही क्यों बनाया निशाना
आतंकियों ने जंगलोट को ही निशाना इसलिये बनाया है, क्योंकि यहां पर भारतीय सेना की आर्टिलरी रॉकेट रेजीमेंट का कैम्प है। हाईवे के पास स्थित इस कैम्प में भारी संख्या में आर्टिलरी गन, गोला, बारूद, आर्टिलरी तोपें और रॉकेट लॉन्चरों के अलावा 700 सैनिक हैं।
आतंकियों ने हाईवे पर तेज़ वाहनों से आते वक्त कैम्प की तरफ ग्रेनेड से हमले किये। इलाके में अलर्ट जारी कर दिया गया है। जम्मू-पंजाब बॉर्डर को पूरी तरह सील कर दिया गया है और वहां पर भारी संख्या में सुरक्षाबल तैनात कर दिये गये हैं। साथ ही कठुआ, संबा और जम्मू में हाई अलर्ट कर दिया गया है।
शोहदा ब्रिगेड या लश्कर?
बताया जा रहा है कि शोहदा ब्रिगेड नाम के आतंकी संगठन ने यह हमला किया है, क्योंकि इससे पहले 2013 में हुए आतंकी हमले की जिम्मेदारी इसी संगठन ने ली थी। हालांकि सेना ने इसके पीछे लश्कर-ए-तैयबा का हाथ होने की आशंका व्यक्त की है।
खास बात यह है कि यह इलाका हीरानगर के पास ही है जहां पर बुधवार को नरेंद्र मोदी की एक रैली हुई थी। कठुआ संसदीय क्षेत्र उधमपुर के तहत आता है जहां से केन्द्रिय स्वास्थ्य मंत्री गुलाम नबी आजाद चुनाव लड़ने की तैयारी कर चुके हैं। पुलिस के मुताबिक अातंकी देश के कई हिस्सों में छिप गए हैं और वह लोकसभा चुनावों के दौरान कर्इ बड़ी अातंकी घटनाओं को अंजाम देने की कोशिश कर सकते हैं।












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