JK में आतंक पीड़ितों को MBBS-BDS की पढ़ाई में मिलेगा आरक्षण, केंद्र सरकार ने रिजर्व की सीट, ये है मानदंड
गृह मंत्रालय ने मंगलवार को जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के पीड़ितों को बड़ी राहत दी है। उन्होंने एमबीबीएस और बीडीएस जैसे पाठ्यक्रमों में आतंक के पीड़ितों के लिए रिजर्व कोटा रखने का फैसला किया है।
गृह मंत्रालय ने मंगलवार को जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के पीड़ितों को बड़ी राहत दी है। उन्होंने एमबीबीएस और बीडीएस जैसे पाठ्यक्रमों में आतंक के पीड़ितों के लिए रिजर्व कोटा रखने का फैसला किया है। इसी शैक्षणिक वर्ष से यह कोटा लागू हो रहा है। शैक्षणिक वर्ष 2022-23 के लिए गृह मंत्रालय ने आतंक के पीड़ितों को सीटें आवंटित की जाएंगी।

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के नेतृत्व वाली जम्मू-कश्मीर सरकार ने भी गृह मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना को अपनी मंजूरी दे दी है। एमएचए की आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, उन बच्चों को प्राथमिकता दी जाएगी जिनके माता-पिता दोनों को आतंकवादियों ने मार डाला है। जिन परिवारों के एकमात्र कमाने वाले को आतंकवादियों ने मार दिया है। पीड़ितों के बच्चों को विकलांग कर दिया हो या आतंकवादी अभियानों के कारण गंभीर चोट लगी है। इन सभी पीड़ितों को एमबीबीएस और बीडीएस में रिजर्व कोटा देने का फैसला किया है।
ये है मानदंड
अधिसूचना में कोटा के लिए प्राप्त करने के लिए आवश्यक पर्सेंटाइल का भी उल्लेख किया गया है। उम्मीदवार को भौतिकी, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान या जैव-प्रौद्योगिकी जैसे विषयों में व्यक्तिगत रूप से न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक उत्तीर्ण और प्राप्त करना होगा। एससी, एसटी, ओएससी, ओबीसी और पीडब्ल्यूडी के लिए 40 प्रतिशत और सामान्य श्रेणी में आने वाले पीडब्ल्यूडी के लिए 45 प्रतिशत निर्धारित किया गया है।
ऐसे ले सकेंगे आरक्षण का लाभ
एमबीबीएस और बीडीएस पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए उम्मीदवारों का चयन राष्ट्रीय पात्रता प्रवेश परीक्षा (नीट) 2022 में प्राप्त रैंक के आधार पर किया जाएगा। नीट 2022 में उम्मीदवारों के लिए न्यूनतम अंक 50 प्रतिशत, विकलांग छात्रों के लिए 45 प्रतिशत और एससी, एसटी, ओबीसी के लिए 40 प्रतिशत होंगे।
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