जेएनयू में हुआ हिंदू देवी-देवताओं का अपमान, छात्रों के बीच तनाव
नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में हिन्दू देवी-देवताओं के कथित अपमान के सवाल पर माहौल तनावपूर्ण है। सारा मामला यह है कि ऑल इंडिया बैकवर्ड स्टूडेंट्स फोरम महिषासुर शहादत दिवस मनाना चाहता है। इसका बहुत से छात्र विरोध कर रहे हैं। महिषासुर दिवस का विरोध करने वाले छात्र-छात्राओं का कहना है कि शहादत दिवस के नाम पर एक पत्रिका की प्रतियां बांटी गई, जिसमें देवी-देवताओं का अपमान किया गया।

धार्मिक भावनाएं आहत
ऑल इंडिया बैकवर्ड स्टूडेंट्स फोरम का कहना है कि हमारा मकसद धार्मिक भावना को आहत करना नहीं है, लेकिन एक बार फिर धार्मिक भावनाओं के आहत होने की शिकायत वसंत कुंज थाने में की गई है। इसके चलते कैंपस में तनाव का माहौल था। कावेरी हास्टल मेस में फोरम के सदस्यों और अन्य छात्रों के बीच जमकर हाथापाई हुई। यहां देर रात तक सभा का आयोजन नहीं किया जा सका। कोई अप्रिय घटना न हो इसलिए जेएनयू गेट के बाहर पुलिस तैनात की गई।
महिषासुर शहादत दिवस के आयोजकों का कहना है कि महिषासुर आदिवासियों की असुर जाति के थे। आमतौर पर महिषासुर को राक्षस माना जाता है, जिसका वध देवी दुर्गा ने किया, लेकिन आयोजक इस वध को शहादत कहते हैं। इस बीच, जेएनयू के पूर्व छात्र एसके झा ने कहा कि देश के इतने बेहतरीन शिक्षण संस्थान में अब माहौल बेहद खराब हो गया है। सिर्फ राजनीति होती है वहां, पढ़ाई का स्तर पर गिर रहा है।












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