Telangana: क्या BRS पर पीएम मोदी की टिप्पणी से बदलेगा तेलंगाना का चुनावी समीकरण? बीजेपी है उत्साहित
तेलंगाना की सत्ताधारी पार्टी बीआरएस को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक खुलासे से भारतीय जनता पार्टी के नेता काफी उत्साहित हैं। पीएम मोदी ने कहा था कि उन्होंने तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव के एनडीए में शामिल होने के अनुरोध को 2020 में ठुकरा दिया था।
बीजेपी का कहना है कि पीएम मोदी की इन टिप्पणियों से उन अफवाहों पर विराम लग जाएगा जो कांग्रेस पार्टी भाजपा और बीआरएस में आपसी तालमेल को लेकर उड़ाती रहती है। तेलंगाना में बीजेपी के चुनाव प्रभारी और पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर का कहना है कि अब ऐसी अटकलबाजियां रुक जाएंगी।

बीआरएस और कांग्रेस एक हैं-बीजेपी
जावड़ेकर ने बुधवार को हैदराबाद में कहा है, 'इसके उलट बीआरएस और कांग्रेस एक हैं। हमने इसे 10 बार दिखाया है। हर कोई जानता है कि वे (कांग्रेस और बीआरएस) किस तरह से गठबंधन में थे, किस तरह से वे विलय करना चाहते थे, कैसे (सीएम केसीआर) कैबिनेट (यूपीए सरकार) में एक मंत्री थे।'
बीआरएस की ओर से प्रोटोकॉल नहीं निभाने का भी दिया हवाला
अपने दावों को पुख्ता करने के लिए उन्होंने 2019 में कांग्रेस विधायकों के बीआरएस में शामिल होने का भी हवाला दिया। उन्होंने दावा किया है कि तेलंगाना विधानसभा चुनावों में बीजेपी सत्ताधारी भारत राष्ट्र समिति को हरा देगी। उन्होंने यह आरोप भी लगाया है कि एनडीए में एंट्री नहीं मिलने के चलते ही नाराजगी में मुख्यमंत्री केसीआर और उनकी बीआरएस सरकार प्रदेश के दौरे के मौकों पर पीएम की आगवानी करने के लिए प्रोटोकॉल का भी पालन नहीं कर रहे थे।
'एनडीए में शामिल होने की रुचि दिखाई थी या नहीं?'
पीएम मोदी की टिप्पणी पर बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामा राव (केटीआर) के जवाब की आलोचना करते हुए भाजपा नेता ने कहा कि केसीआर और केटीआर को बताना चाहिए कि क्या सीएम ने प्रधानमंत्री से मुलाकात की थी। उन्होंने पूछा है, 'वे (केटीआर) पीएम को झूठा कहते हैं। मोदी जी ने सच बताया है। केसीआर, केटीआर को बताना चाहिए कि वे पीएम से मिले या नहीं? आपने एनडीए में शामिल होने की रुचि दिखाई थी या नहीं? आप (एनडीए में) नहीं शामिल हो सके, क्योंकि प्रधानमंत्री ने इनकार कर दिया था। आप ये सच्चाई क्यों नहीं बताते हैं?'
केटीआर ने कहा था 'सबसे बड़ी झूठ फैक्ट्री'
दरअसल, तेलंगाना चुनाव से पहले मंगलवार को निजामाबाद में पीएम मोदी ने कहा था कि बीआरएस बीजेपी की अगुवाई वाले एनडीए में शामिल होना चाहती थी, लेकिन उन्होंने इससे इनकार कर दिया था। पीएम मोदी के दावे को बीआरएस के मंत्री केटीआर ने 'सफेद झूठ' करार देते हुए, बीजेपी को 'सबसे बड़ी झूठ फैक्ट्री' कहा था।
कांग्रेस लगाती है बीजेपी-बीआरएस में तालमेल का आरोप
हालांकि, इन दावों और खुलासों के बावजूद कांग्रेस ने तेलंगाना में बीजेपी और बीआरएस में मौन सहमति का आरोप लगाना बंद नहीं किया है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष ए रेवंत रेड्डी ने दावा किया है कि पीएम मोदी की टिप्पणियों से केसीआर के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामलों में एनडीए सरकार की ओर से कार्रवाई नहीं किए जाने के आरोप साबित हो गए हैं।
इससे पहले जुलाई में तेलंगाना की एक सभा में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि प्रदेश के सीएम के चंद्रशेखर राव का रिमोट कंट्रोल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास है। उन्होंने बीआरएस को बीजेपी की बी-टीम बताते हुए, इसके नए नाम को 'बीजेपी रिश्तेदार समिति' कहकर बुलाया था।
चुनावों में कांग्रेस-बीजेपी लगा रही है पूरा जोर
दरअसल, तेलंगाना में केसीआर की बीआरएस लगातार तीसरी बार सत्ता में आने की कोशिशें कर रही है। जबकि, कर्नाटक की जीत से उत्साहित कांग्रेस नेताओं को लग रहा है कि तेलंगाना में भी अबकी बार उनकी वापसी तय है। वहीं बीजेपी भी प्रदेश में इस बार अपनी पूरी ताकत झोंक रही है और पिछले पांच वर्षों पर सड़कों पर संघर्ष के मामले में वही असली विपक्ष की भूमिका निभाती नजर आई है।
पीएम की टिप्पणी से बीजेपी है उत्साहित
राज्य में कांग्रेस की कोशिश रही है कि बीजेपी को बीआरएस के साथ बताकर 10 साल की एंटी-इंकंबेसी को पूरी तरह से अपने पक्ष में कर ले। लेकिन, पीएम मोदी ने जो बयान दिया है, उसमें बीजेपी को कांग्रेस की रणनीति ध्वस्त करने का मौका नजर आ रहा है। (इनपुट-पीटीआई)












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