क्या भाजपा अपने फायरब्रांड नेता बंदी संजय कुमार को करीमनगर सीट से चुनाव लड़ने के लिए मजबूर कर रही?
तेलंगाना विधानसभा चुनाव 2023 के लिए भारतीय जनता पार्टी ने बीते रविवार को अपने उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर दी थी। इस लिस्ट में भाजपा के तीन मौजूदा सांसदों का नाम भी शामिल है, जिसमें करीमनगर सांसद और भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव बंदी संजय कुमार भी हैं। हालांकि संजय कुमार कथित तौर पर राज्य पार्टी नेतृत्व के रवैये और भाजपा में उन्हें प्राथमिकता नहीं दिए जाने से नाखुश हैं।

भाजपा ने उन्हें उकरीमनगर से विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए चुनाव मैदान में उतारा है लेकिन वो विधानसभा चुनाव लड़ने में उनकी कोई दिलसस्पी नहीं थी। इसके बावजूद भाजपा नेतृत्व ने उन्हें टिकट देकर मैदान में उतारा है।
कुछ रिपोर्ट में ये दावा किया गया है कि भाजपा सांसद बंदी संजय कुमार ने अपने कि करीबी सहयोगियों से कहा था कि उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने के लिए विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए मजबूर किया जा रहा है, क्योंकि वो हार सकते हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा था कि अगर भाजपा उन्हें विधानसभा चुनाव लड़वाना चाहती है तो वो मुधोल निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ने के लिए तैयार थे क्योंकि वहां पर भाजपा की अच्छी पकड़ है।
बंदी संजय कुमार ने कहा पार्टी ने उन्हें करीब नगर चुनाव लड़ने के लिए दिया है, जहां से वो पहले दो बार हार चुका हैं। बंदी संजय ने कथित तौर पर कहा है कि पार्टी उनकी छवि खराब करने के लिए उन्हें करीम नगर से विधानसभा चुनाव लड़वा रही है।
संजय कुमार ने कहा" उन्होंने भाजपा को राज्य में मजबूत करने के लिए प्रदेश अध्यक्ष के पद पर रहते हुए कड़ी मेहनत की लेकिन पार्टी वर्तमान प्रदेश अध्यद्वक्ष जी किशन रेड्डी को प्राथमिकता दे रही है। इसके साथ ही बंदी संजय इस बात से नाराज है कि भाजपा नेतृत्व ने करीमनगर संसदीय क्षेत्र में विधायक टिकटों के आवंटन से पहले उनसे परामर्श नहीं किया।
ये भी बताया जा रहा है कि बंदी संजय ने राजेंद्र को दो सीटें हुजूराबाद और गजवेल दिए जाने पर भी सवाल उठाया था। बंदी ने कथित तौर पर हुस्नाबाद खंड के लिए बोम्मा श्रीराम चक्रवती के नाम की सिफारिश की थी लेकिन उनहें अभी टिक नहीं दिया गया है।












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