तेलंगाना चुनाव: केटीआर ने किया दावा पीएम मोदी ने SC sub-quota के लिए पैनल का वादा करके धोखा दिया
तेलंगाना विधानसभा चुनाव 2023 से पहले बीते शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिकंदराबाद में भाजपा के चुनाव अभियान "मडिगास विश्वरूप महासभा" में दलित कार्ड खेला। पीएम मोदी ने वादा किया अनुसूचित जाति (एससी) के सब सर्टीफिकेशन के जटिल मुद्दे को स्थायी रूप से हल करने के लिए एक समिति का गठन किया जाएगा। जिस पर अब बीआरएस सरकार के आईटी मंत्री ने पीएम मोदी ने एससी उप-कोटा पर पैनल करने का वादा करके लोगों को धोखा दिया है।

तेलंगाना चुनाव के लिए केटीआर ने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि "राष्ट्रीय पार्टी तेलंगाना में 30 नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनाव की दौड़ में नहीं है।"
केटीआर ने कहा पीएम मोदी पर अनुसूचित जाति के वर्गीकरण की मांग पर एससी समुदाय मैडिगा को सशक्त बनाने के लिए एक समिति गठित करने के अपने वादे के साथ लोगों को "धोखा" दे रहे हैं।
बता दें पीएम मोदी ने सिकंदराबाद में चुनाव महासभा में कहा था कि केंद्र सरकार जल्द एक समिति का गठन करेगी, जो अनुसूचित जाति के वर्गीकण की मांग के संबंधी मैडिगाओं को सशक्त बनाने के लिए सभी संभावित तरीके अपनाएगी।
केटीआर ने कहा समिति का फिर से मतलब विलंबित न्याय है। हमने एससी वर्गीकरण के संबंध में राज्य विधानसभा में बहुत पहले ही संकल्प ले लिया है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगर ईमानदार हैं तो उन्हें इसको लागू करना चाहिए। पीएम को इसके अध्ययन के लिए दूसरी समिति नियुक्त नहीं करनी चाहिए।
केटीआर ने कहा इससे ये ही साफ हो रहा है, उन्हें कोई दिलचस्पी नहीं है और वह केवल लोगों को धोखा दे रहे हैं। पीएम मोदी जो भी कोशिश कर सकते हैं, जो भी करना चाहते हैं वो करें लेकिन सच तो ये है कि उनकी पार्टी तेलंगाना चुनाव की दौड़ में ही नहीं हैं।
बता दें पीएम मोदी ने रिजर्वेशन पोराटा समिति (एमआरपीएस) द्वारा आयोजित सिकंदराबाद में शनिवार को एक रैली को संबोधित किया, ये तेलुगू राज्यों तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में अनुसूचित जाति के सबसे बड़े घटकों में से एक मडिगा समुदाय का संगठन है।
पीएम मोदी ने इनकी बैठक को संबोधित करते हुए कहा था हम इस अन्याय को जल्द खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमारा वादा है कि हम जल्छ ही एक समिति का गठन करेंगे जो आपको सशक्त बनान के लिए हर संभव तरीके अपनाएगी। पीएम ने कहा था आप और हम जानते है कि सुप्रीम कोर्ट में एक बड़ी कानूनी प्रक्रिया चल रही है, हम आपके संघर्ष को उचित मानते हैं।












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