Telangana election: कांग्रेस को पहले बागियों से जीतना जरूरी, पार्टी पर क्यों नहीं कर रहे भरोसा?
Telangana election 2023: तेलंगाना विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को कुछ चुनाव-पूर्व सर्वेक्षणों का तो लाभ मिल रहा है। लेकिन, पार्टी को असली और पहली चुनौती बागियों से मिल रही है।
कांग्रेस के कुछ बागी तो ऐसे हैं, जिनके मन में कहीं न कहीं पिछली 'वादाखिलाफी' खटक रही है। कांग्रेस के रणनीतिकारों के लिए अच्छी बात ये है कि उन्होंने कुछ प्रभावी बागियों को बहला-फुसलाकर फिलहाल समझाने में कामयाबी पा ली है। लेकिन, हर कोई इतनी आसानी से मानने के लिए तैयार नहीं दिख रहा है।

कुछ दिग्गज बागियों को मनाने में सफल रही कांग्रेस
कांग्रेस ने अबतक जिन बागियों को समझाने में सफलता हासिल की है, उनमें से कुछ बड़े नाम भी शामिल हैं। जैसे सूर्यापेट से पटेल रमेश रेड्डी, वारंगल वेस्ट से जंगा राघव रेड्डी, जुक्कल से एस गंगाराम, बांसवाड़ा से कसुला बालाराजू, नरसापुर गली अनिल कुमार, इब्राहिमपत्तन से डी रामी रेड्डी के अलावा कुछ और नेता शामिल हैं। बुधवार को इन सारे नेताओं ने कांग्रेस के आधिकारिक उम्मीदवारों के खिलाफ अपना नाम वापस ले लिया।
नेताओं को झेलनी पड़ी बागी के समर्थकों की नाराजगी
लेकिन, पटेल रमेश रेड्डी को मनाने के लिए कांग्रेस नेताओं को नाकों चने चबाने पड़ गए। उनके समर्थकों ने उन्हें मनाने उनके घर गए प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष और पूर्व मंत्री मल्लू रवि के साथ जमकर धक्का-मुक्की की और दुर्व्यवहार भी किया।
कांग्रेस ने पुराना वादा दोहराकर मनाया
हालांकि, फिर भी रवि और उनके साथ पहुंचे कांग्रेस महासचिव रोहित रेड्डी ने पटेल रमेश को 2024 के लोकसभा चुनावों में नालगोंडा सीट से लोकसभा का टिकट देने का वादा करके मना लिया। शायद उनके समर्थक कांग्रेस के इसी तरह के पुराने वादे के चलते मानने के लिए तैयार नहीं हो रहे थे।
कांग्रेस ने 2019 में की थी 'वादाखिलाफी'
क्योंकि, कांग्रेस की ओर से 2018 में भी नालगोंडा लोकसभा सीट का वादा उनसे किया गया था, लेकिन 2019 में पार्टी ने एन उत्तम कुमार रेड्डी को टिकट दिया, जो चुनाव जीत भी गए थे।
फॉर्वर्ड ब्लॉक से भरा था नामांकन
इस बार कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोवाल को दिल्ली से फोन पर रमेश को नालगोंडा सीट देने का भरोसा देना पड़ा है। दरअसल, जब कांग्रेस पार्टी ने इस बार चौथी और अंतिम लिस्ट में सूर्यापेट सीट से पार्टी के दिग्गज और पूर्व मंत्री आर दामोदर रेड्डी को टिकट दे दिया तो पटेल रमेश ने फॉर्वर्ड ब्लॉक के टिकट पर नामांकन भर दिया था।
नाम वापसी के बाद पटेल ने कहा, 'मैं वरिष्ठ नेताओं पर विश्वास कर रहा हूं, क्योंकि वेणुगोपाल ने खुद मुझे फोन करके भरोसा दिलाया है। यही नहीं मुझे राहुल गांधी से भी कहवाने का यकीन दिलाया गया है।'
कुछ दिग्गज बागियों को दिया वादों का भरोसा
कांग्रेस पार्टी ने इसी तरह से अपने बड़े नेताओं को बागियों को मनाने के काम पर लगाया था। उनमें से किसी को लोकसभा, तो किसी को राज्यसभा और किसी को एमएलसी या सरकार बनने पर अन्य निगमों या संस्थाओं में नियुक्तियों का भरोसा दिया गया है।
कई सीटों पर अभी भी बागी दे रहे हैं टेंशन
लेकिन, पार्टी को हर सीट पर ऐसी सफलता नहीं मिल पाई है। खासकर बीआरएस और बीजेपी से हाल में शामिल हुए नेता अभी भी कुछ चुनाव क्षेत्रों में कांग्रेस की टेंशन बढ़ा रहे हैं। अब पार्टी की ओर से उन्हें यह समझाने की कोशिश चल रही है कि वह कांग्रेस उम्मीदवारों के खिलाफ प्रचार करना बंद कर दें और डमी प्रत्याशी की तरह रह जाएं।
कांग्रेस के कुछ बागियों पर बीआरएस की भी नजर
लेकिन, आशंका है कि कांग्रेस की चिंता इतनी आसानी से दूर नहीं हो पाएगी। यह भी कहा जा रहा है कि जिन कुछ बड़े नेताओं ने पार्टी के समझाने पर नामांकन वापस भी ले लिया है, संभव है कि उनमें से भी कुछ आने वाले दिनों में बीआरएस में शामिल होकर कांग्रेस उम्मीदवारों के लिए परेशानी का कारण बन सकते हैं।
भारत राष्ट्र समिति इस मौके को गंवाना नहीं चाहती और कांग्रेस से मायूस नेताओं को अपने साथ जोड़ने के सारे जतन कर रही है। कुछ उसी तरह से जैसे पिछले दिनों में कांग्रेस ने बीआरएस और भाजपा के नाराज नेताओं के लिए किया है।












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