Telangana: कांग्रेस ने चला एक और BC कार्ड, 24 जातियों से बड़ा वादा, क्या बीजेपी से डर गई पार्टी?
कांग्रेस अभी सारे चुनावी राज्यों में पिछड़ा वोट बैंक को गोलबंद करने के लिए एक से एक दांव लगा रही है। खासकर राहुल गांधी जिस भी चुनावी सभा में पहुंच रहे हैं, जातिगत जनगणना उनका मुख्य एजेंडा है। जहां उनकी पांच साल से सरकारें हैं, वहां भी इसका आश्वासन दे रहे हैं।
बीजेपी ने सबसे पहले तेलंगाना में चुनाव जीतने पर पिछड़े वर्ग (BC) के नेता को मुख्यमंत्री बनाने का वादा किया है। इसके जवाब में कांग्रेस करीब दो हफ्ते पहले ही ओबीसी और पिछड़ी जातियों से संबंधित कई वादे कर चुकी है। अब पार्टी ने एक और नया और बड़ा दांव चला है।

आंध्र प्रदेश के दो जिलों की 24 जातियों को तेलंगाना में बीसी का दर्जा देने का वादा
तेलंगाना के प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रेवंत रेड्डी ने बुधवार को कुकटपल्ली सीट पर चुनाव प्रचार के दौरान एक बड़ा वादा किया है। उन्होंने कहा है कि पड़ोसी राज्य आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम और विजयनगरम जिले के जो भी लोग कुकटपल्ली में बस गए हैं, उनमें से 24 जातियों को कांग्रेस सरकार बनने पर तेलंगाना में पिछड़े वर्ग (BC) का दर्जा दिया जाएगा।
उन्होंने कहा, 'मैं श्रीकाकुलम और विजयनगरम के लोगों से वादा करता हूं कि 9 दिसंबर को कांग्रेस सरकार बनने के एक महीने के भीतर उन्हें बीसी श्रेणी में शामिल किया जाएगा।'
कांग्रेस को 24 जातियों से नया वादा करने की जरूरत क्यों पड़ी?
कांग्रेस को मौजूदा विधानसभा चुनाव में अपनी रणनीति में यह नया वादा शामिल करने की जरूरत क्यों पड़ी है, यह एक बड़ा सवाल बन गया है। क्योंकि, करीब दो हफ्ते पहले ही पार्टी ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दारमैया से बीसी डिक्लेरेशन जारी करवाया था।
इसमें कांग्रेस ने पिछड़े वर्ग को जातिगत जनगणना के आधार पर उनकी जनसंख्या के अनुपात में सरकार बनने के 6 महीने के भीतर आरक्षण देने का वादा किया गया था।
कांग्रेस की ओर से यह भी वादा किया जा चुका है कि स्थानीय निकायों में उसकी सरकार बनने पर वह पिछड़े वर्ग का कोटा अभी के 23% से बढ़ाकर 42% कर देगी। यही नहीं पार्टी ने पिछड़ वर्ग के कल्याण के लिए सालाना 20,000 करोड़ रुपए खर्च करने का भी वादा कर चुकी है।
बीजेपी ने पिछड़े वर्ग (बीसी) का सीएम बनाने का किया है वादा
गौरतलब है कि तेलंगाना में बीजेपी अकेली ऐसी पार्टी है, जिसने वादा किया है कि अगर वह सत्ता में आई तो पिछड़े वर्ग (BC) के नेता को ही मुख्यमंत्री बनाएगी। लेकिन, कांग्रेस की ओर से इसकी जगह सिर्फ यह गिनाने की कोशिश होती रही है कि उसने किन-किन राज्यों में पिछड़े को सीएम बनाया है।
बीजेपी ने चला है बड़ा दलित कार्ड
भाजपा ने पिछड़े वर्ग से सीएम वाले दांव के अलावा एक दलित कार्ड भी चला है। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अनुसूचित जाति (एससी) में शामिल मडिगा जाति की दशकों पुरानी मांग पर पहल करने का भरोसा देकर गए हैं।
दलितों में मडिगा जाति की जनसंख्या करीब 60% है, लेकिन इस अनुपात में उन्हें आरक्षण का लाभ नहीं मिल पाता है। केंद्र सरकार ने इसी को देखते हुए अनुसूचित जाति में उप-वर्गीकरण का भरोसा दिया है, ताकि उसके अंदर भी कोटा निर्धारित हो सके।
क्या बीजेपी से डर गई कांग्रेस?
बीजेपी के यह दोनों वादे तेलंगाना के चुनावी पंडितों में चर्चा का विषय बन गए हैं। जिस चुनाव में शुरू से कांग्रेस और सत्ताधारी बीआरएस के बीच ही मुकाबला दिखाया जा रहा था, अब लग रहा है कि 119 सीटों में से एक-तिहाई यानि करीब 40 सीटों पर भाजपा की मौजूदगी से चुनाव त्रिकोणीय हो सकता है।
कांग्रेस ने जिस तरह से आंध्र प्रदेश की 24 जातियों को पिछड़े वर्ग (BC) में शामिल करने का नया वादा किया है, उसपर भाजपा की रणनीति का असर दिखता है।












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