तेलंगाना की ये 40 सीटें तय करेंगी अगली सरकार? बीजेपी कर सकती है बड़ा उलटफेर
तेलंगाना विधानसभा चुनाव में उम्मीदवारों के नाम वापसी के बाद अब चुनावी तस्वीर करीब-करीब साफ हो चुकी है। सत्ताधारी बीआरएस सभी 119 सीटों पर लड़ रही है।
कांग्रेस 118 सीटों पर मैदान में है और 1 सीट उसने सहयोगी सीपीआई (CPI) के लिए छोड़ी है। बीजेपी ने 111 सीटों पर प्रत्याशी उतारे हैं और बाकी सीटों पर उसकी सहयोगी फिल्म स्टार पवन कल्याण की जन सेना पार्टी (JSP) लड़ रही है।

कुछ सीटों पर दिलचस्प हो सकता है मुकाबला
इनके अलावा मायावती की बीएसपी 107 सीटों पर और सीपीएम भी 19 सीटों पर चुनाव मैदान में है। इनके अलावा कुछ सीमित सीटों पर असदुद्दीन ओवैसी की एआईएमआईएम भी मैदान में है और यह सारी पार्टियों कुछ विधानसभा क्षेत्रों में प्रभावी भूमिका निभा सकती हैं।
करीब 80 सीटों पर बीआरएस-कांग्रेस में मुख्य मुकाबला
लेकिन, तेलंगाना की सभी 119 सीटों पर मौजूदा चुनावी स्थिति का आकलन करें तो करीब 40 सीटें ऐसी हैं, जहां बीजेपी काफी प्रभावी भूमिका में नजर आ रही है और इसके अलावा जो 79 सीटें बचती हैं, वहां मुख्य रूप से कांग्रेस और बीआरएस के बीच ही मुख्य मुकाबला नजर आ रहा है।
यहां की 40 सीटों पर बीजेपी कर सकती है बड़ा उलटफेर
हमने जिन 40 सीटों की बात की वे पुराने निजामाबाद, करीमनगर, आदिलाबाद, ग्रेटर हैदराबाद, महबूबनगर और वारंगल जिलों की सीटें हैं। इनमें से अकेले ग्रेटर हैदराबाद में ही 24 सीटें हैं और इन इलाकों में भाजपा का जनाधार काफी बढ़ा है। इस वजह से यहां त्रिकोणीय मुकाबले की स्थिति बन रही है और बीजेपी की दमदार उपस्थिति की वजह से यहां बड़ा उलटफेर होने की संभावना पैदा हो रही है।
करीमनगर जिले में कुछ सीटों पर जबर्दस्त त्रिकोणीय मुकाबले की संभावना है, क्योंकि बीजेपी सांसद बंदी संजय और धर्मपुरी अरविंद मैदान में हैं। उनकी मौजूदगी के चलते पार्टी कैडर में उत्साह चरम पर है। करीमनगर, कोरुटला, जगतियाल, वेमुलावाड़ा और हुजूराबाद ऐसी ही सीटें हैं, जहां बीजेपी चुनावी हवा का रुख बदल सकती है।
हुजूराबाद उपचुनाव में बीजेपी ने चौंकाया था
2020 में हुजूराबाद विधानसभा उपचुनाव के परिणाम पर पूरे देश की नजरें टिकी थीं। तब एटाला राजेंदर को सीएम केसीआर ने कैबिनेट से हटा दिया था और उन्होंने बीआरएस छोड़कर बीजेपी का कमल थाम लिया था। सत्ताधारी बीआरएस ने इस उपचुनाव को प्रतिष्ठा की लड़ाई बना ली थी, लेकिन बीजेपी यह सीट जीत गई थी।
बीजेपी कामारेड्डी में भी अपनी उपस्थिति की वजह से मुकाबले को रोमांचक बना रही है तो यह आर्मूर, बोधन, निजामाबाद शहरी, बांसवाड़ा और बालकोंडा में भी काफी मजबूत दिख रही है। कामारेड्डी में सीएम केसीआर और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रेवंत रेड्डी मैदान में हैं।
वहीं ग्रेटर हैदराबाद में जहां एक तरफ बीआरएस और एआईएमआईएम है तो दूसरी तरफ कई सीटों पर भाजपा भी जोरदार लड़ाई लड़ रही है। कांग्रेस के साथ यहां दिक्कत ये है कि पिछले 10 वर्षों में उसके कई नेता छिटकर बीआरएस की कार में बैठ चुके हैं।
वनइंडिया पहले भी एक रिपोर्ट तेलंगाना में त्रिशंकु विधानसभा की संभावनाओं को लेकर दे चुका है। ऐसे में अगर वाकई 40 सीटों पर बीजेपी उलटफेर करने में सफल रही तो सत्ता की चाबी उसके पास आ सकती है, जहां वह किंग भले ही न बने, मगर किंग मेकर के रोल में आ भी सकती है।












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