तेलंगाना चुनाव: भाजपा ने किया पलटवार, बोली कांग्रेस को वोट देना बीआरएस को वोट देने जैसा है
तेलंगाना विधानसभा चुनाव 2023 को लेकर बीआरएस, कांग्रेस ने अपना चुनाव प्रचार अभियान तेज कर दिया है और वोटरों से संपर्क साध रही है। वहीं भारतीय जनता पार्टी ने दावा कर दिया है तेलंगाना की जनता इस चुनाव में भाजपा को ही वोट करेगी क्योंकि उन्हें मालूम है कि राज्य में कांग्रेस को वोट देने का मतलब है सत्तारूढ़ भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) को वोट देना है।

दरअसल, ये दावा भाजपा के राज्यसभा सांसद और तेलंगाना इकाई के पूर्व अध्यक्ष के लक्ष्मण ने गुरुवार को कहा ध्यान से सुनो. तेलंगाना के मतदाता जानते हैं कि कांग्रेस को वोट देना बीआरएस को वोट देने के समान है।
लक्ष्मण राहुल गांधी और प्रिंयका गांधी के उस बयान पर पलटवार कर रहे थे जिसमें दावा किया गया था कि बीआरएस और भाजपा के बीच मौत सहमति है, कांग्रेस को वोट देने का मतलब भाजपा को वोट देना है।
भाजपा के ओबीसी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष लक्ष्मण ने गांधी परिवार पर निशाना साधते हुए कहा कांग्रेस के इन दोनों नेताओं को तेलंगाना राज्य की घोषणा में देरी के लिए आत्महत्या करने वाले 1,200 युवाओं की मौत का कारण बनने के लिए माफी मांगनी चाहिए।
बता दें कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने बुधवार को तेलंगाना में कांग्रेस का चुनाव अभियान शुरू किया जिसमें उन्होंने दावा किया कि बीजेपी चाहती है कि विधानसभा चुनाव में बीआरएस जीते। कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि भाजपा, बीआरएस और असदुद्दीन ओवैसी के नेतृत्व वाली एआईएमआईएम कांग्रेस को हराने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।
उन्होंने दावा किया था कि बीआरएस ने संसद में वबीआरएस ने संसद में वही किया जो भाजपा चाहती थी। राहुल गांधी ने तीन विवादास्पद कृषि कानूनों और जीएसटी पर संसद में मोदी सरकार का समर्थन करने का हवाला दिया।
वहीं चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तेलंगाना की बीआरएस सरकार रिमोट कंट्रोल से चला रहे हैं. प्रियंका गांधी के इस बयान पर भी भाजपा नेता लक्ष्मण ने करारा जवाब देते हुए कहा
ऐसे आरोप लगाने से पहले राहुल और प्रियंका को मेरे छह सवालों का जवाब देना चाहिए। क्या यह सच नहीं है कि 2014 और 2019 में कांग्रेस विधायक बीआरएस में चले गए? क्या यह सच नहीं है कि विधान परिषद अध्यक्ष के साथ आपके (कांग्रेस) 36 एमएलसी ने कांग्रेस विधायी विंग का बीआरएस में विलय कर दिया? क्या ये सच नहीं कि कांग्रेस 2004 में बीआरएस के साथ गठबंधन में थी और 2011 में बीआरएस के कांग्रेस में विलय की बात चल रही थी।












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