'पूर्व PM मनमोहन सिंह को दिया जाये भारत रत्न', विधानसभा के जरिए तेलंगाना सरकार ने की केंद्र से मांग
Telangana Assembly:तेलंगाना सरकार ने सोमवार को विधानसभा के विशेष सत्र में केंद्र से पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को भारत रत्न देने की मांग की। इसके साथ ही, भारत के आर्थिक सुधारों में उनकी अहम भूमिका को ध्यान में रखते हुए, उनकी प्रतिमा स्थापित करने के प्रस्ताव को भी सदन ने सर्वसम्मति से मंजूरी दी। इस अवसर पर, मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने पूर्व प्रधानमंत्री के योगदान को सराहा और कहा कि मनमोहन सिंह ने भारत की अर्थव्यवस्था को नए मुकाम तक पहुंचाया और देश को वैश्विक मंच पर मजबूती से स्थापित किया।
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री ने देश को उस कठिन समय में संभाला, जब भारत की आर्थिक स्थिति कमजोर थी, और उनके द्वारा लागू की गई उदारीकरण, निजीकरण और वैश्वीकरण नीतियों ने देश को एक नई दिशा दी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि मनमोहन सिंह की स्थायी विरासत में सूचना का अधिकार और रोजगार गारंटी जैसे महत्वपूर्ण कानून शामिल हैं।

मनमोहन सिंह की प्रतिमा स्थापित करने का किया ऐलान
तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने सोमवार को बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि हैदराबाद फाइनेंसियल डिस्ट्रिक्ट में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की प्रतिमा स्थापित की जाएगी।
विधानसभा स्पीकर जी. प्रसाद कुमार द्वारा सुबह 10 बजे विधानसभा की कार्यवाही शुरू करने के बाद मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने मनमोहन सिंह के निधन पर शोक व्यक्त किया। इसके साथ ही उन्होंने तेलंगाना राज्य के गठन में पूर्व प्रधानमंत्री की महत्वपूर्ण भूमिका के लिए आभार जताया।
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बीआरएस ने भी किया मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव के प्रस्ताव का समर्थन
इस दौरान, तेलंगाना विधानसभा में विपक्षी पार्टी बीआरएस ने भी मुख्यमंत्री के प्रस्ताव का समर्थन किया और पूर्व प्रधानमंत्री के योगदान को याद किया। इसके बाद बीआरएस के नेता केटी रामाराव ने राज्य सरकार से अनुरोध किया कि वह केंद्र सरकार से दिल्ली में पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव का स्मारक बनाने की मांग करते हुए एक प्रस्ताव पारित करे। नरसिम्हा राव, जो कि आंध्र प्रदेश (अब तेलंगाना) से ताल्लुक रखते थे, को लेकर यह प्रस्ताव भी बीआरएस की ओर से उठाया गया।
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का 92 वर्ष की आयु में दिल्ली के एम्स अस्पताल में निधन हो गया था। उनके अंतिम संस्कार को लेकर केंद्र सरकार और कांग्रेस पार्टी के बीच विवाद भी उठ खड़ा हुआ था। जहां सरकार ने निगमबोध घाट पर उनका अंतिम संस्कार करने की व्यवस्था की, वहीं कांग्रेस ने इसे मनमोहन सिंह का अपमान बताया। इस घटना को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई थी।
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