तेजस्वी बोले- Facebook पर भाजपा की लोकप्रियता कम होने लगी तो मालिक को तलब करने की चुनौती दी
पटना। कैंब्रिज एनालिटिका से जुड़े फेसबुक डाटा लीक के मामले में बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने टिप्पणी की है। तेजस्वी ने कहा है कि फेसबुक पर भारतीय जनता पार्टी की लोकप्रियता कम हो रही थी, अब वो फेसबुक के मालिक को तलब करने की चुनौती दे रहे हैं। सरकार को यह बताना चाहिए कि अगर उनमें ताकत है तो वो कयों नहीं नीरव मोदी,ललित मोदी और विजय माल्या को तलब कर रहे हैं। तेजस्वी ने कहा कि जिस कंपनी का नाम सामने आया है उसकी लिस्ट में सामने आया है कि भाजपा उसकी क्लाइंट है जो केसी त्यागी के बेटे द्वारा चलाई जाती है। जदयू के महासचिव का बेटे इसमें शामिल है और वो कह रहे हैं कि उन्हें कुछ पता नहीं है। हालांकि इस आरोप पर जदयू नेता केसी त्यागी चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि उनके बेटे की कंपनी से जदयू पार्टी का कोई संबंध नहीं है और ना ही जदयू ने कैंब्रिज एनालिटिका पार्टी से किसी चुनाव में किसी तरह की मदद ली है। बता दें कि कैंब्रिज एनालिटिका कंपनी पर फेसबुक के लगभग 5 करोड़ यूजर्स के डाटा चोरी करने का आरोप है।

कंपनी का भारत में कारोबार एससीएल इंडिया देखती है
इस कंपनी का भारत में कारोबार एससीएल इंडिया देखती है। केसी त्यागी के बेटे अमरीश त्यागी इसी कंपनी, एससीएल के इंडिया हेड है। आरोप लग रहा था कि इस डाटा चोरी में अमरीश त्यागी का भी हाथ है। साथ ही ये भी कहा जा रहा था कि जदयू ने 2010 के चुनाव में इस कंपनी की मदद ली थी। ये मामला सामने आने के बाद जदयू ने केसी त्यागी से इस मामले में सफाई मांगी थी।

फेसबुक यूजर के डाटा चोरी करने का आरोप
केसी त्यागी ने इस मामले में चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि मेरे बेटे की कंपनी का जेडीयू से कोई नाता नहीं है और ना ही 2010 में उसकी कंपनी ने जेडीयू को कोई मदद की थी। ये सारे आरोप बेबुनियाद हैं। बता दें कि राजनीतिक पार्टियों को परामर्श देने वाली कंपनी कैम्ब्रिज एनालिटिका पर करोड़ों फेसबुक यूजर के डाटा चोरी करने और इसका इस्तेमाल 2016 में हुए अमरीकी चुनावों में करने के आरोप हैं। इसमें अमरीश त्यागी की भी अहम भूमिका बताई जा रही है।

ट्रंप के चुनाव अभियान में अहम किरदार
40 साल के अमरीश त्यागी ने बतौर चुनाव विश्लेषक ट्रंप के चुनाव अभियान में अहम किरदार अदा किया था। उन्होंने अमेरिका में रहने वाले एशियाई वोटरों पर लगातार काम किया और ये सुनिश्चित किया कि ये वोट ट्रंप को मिले। इसके लिए अमरीश ने लगातार मैनेजमेंट किया। लंबे समय तक अमरीश ने ट्रंप के साथ काम किया है। अब कंपनी पर इसी चुनाव में चोरी के डाटा का इस्तेमाल करने का आरोप लग रहा है।












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