तो यह है जेटली के इस बजट में टैक्स का सिस्टम
नई दिल्ली। सोमवार को बजट आते समय हर किसी का ध्यान बस इसी ओर से था कि आखिर अगले एक वर्ष तक देश में टैक्स किस तरह से अदा करना होगा। वित्त मंत्री इस बार टैक्स की दरों में किस तरह का इजाफा करने वाले हैं।
हालांकि वित्त मंत्री ने इनकम टैक्स की दरों में कोई बदलाव नहीं किया। यह बात शायद सभी नौकरीपेशा लोगों के लिए थोड़ी राहत लेकर आई थी लेकिन लोगों की उम्मीदों के अनुरूप से अलग टैक्स की स्लैब में कोई इजाफा नहीं हुआ।
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा है कि समाज से गरीबी और असमानता को खत्म करने के लिए टैक्स एक अहम उपकरण है। जेटली ने टैक्स के तहत नौ मकसदों के पूरा होने के बारे में कहा। ये नौ बातें हैं-
- छोटे करदाताओं को राहत
- वृद्धि और रोजगार सृजन बढ़ाने के उपाय
- मेक इन इंडिया में मदद के लिए घरेलू मूल्य संवर्द्धनों को प्रोत्साहन
- एक पेशनधारी समाज की दिशा में अग्रसर होने के उपाय
- किफायती आवास को प्रोत्साहन देने के उपाय
- कृषि, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और स्वच्छ वातावरण के लिए अतिरिक्त संसाधनों जुटाना
- मुकदमेबाजी को कम करना और टैक्स अदायगी में निश्चितता प्रदान करना
- टैक्स सिस्टम का सरलीकरण और तर्कसंगत स्वरूप
- जबावदेही को सुनिश्चित करने के लिए तकनीकी का उपयोग शामिल हैं।
आगे की स्लाइड्स में पढ़िए अगले एक वर्ष के दौरान कैसा रहेगा टैक्स का स्वरूप।

इनकम टैक्स में नो चेंज
वित्त मंत्री ने एचआरए को 24,000 से बढ़ाकर 60,000 कर दिया है। साथ ही साथ उन्होंने इनकम टैक्स की दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। साथ ही मकान किराए में 60 हजार रुपए तक की छूट दी गई है।

एक वर्ष में कैसा होगा टैक्स सिस्टम
पांच लाख रुपए तक की आय वाले व्यक्तियों पर कर का बोझ कम करने के मकसद से धारा 87 ए के तहत टैक्स छूट की अधिकतम सीमा 5,000 रुपए तक बढ़ा दी गई है।

किराए के मकान में रहने वालों को राहत
धारा 80 जीजी के तहत मकान किराए के भुगतान के संबंध में कटौती की सीमा 60,000 रुपए प्रतिवर्ष करके मध्यववर्गीय करदाताओं को राहत प्रदान की गई हैं।

स्टार्टअप्स के लिए टैक्स
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत 1.8 लाख करोड़ रुपए के कर्ज देने का लक्ष्य है और स्टार्टअप्स के लिए पांच में से तीन वर्षो के लिए 100 प्रतिशत कटौती भी प्रस्ताव में शामिल है।

पांच करोड़ टर्नओवर हो तो
अपेक्षाकृत छोटे उद्योगों अर्थात ऐसी कंपनियां जिनका टर्नओवर पांचकरोड़ रूपए से ज्यादा नहीं है (मार्च 2015 को समाप्त वित्त वर्ष के दौरान) उनके लिए आगामी वित्त वर्ष के दौरान कारपोरेट टैक्स दर को घटाकर 29 प्रतिशत + सरचार्ज और उपकर किया जाए।

पहले तीन वर्षों में टैक्स में छूट
अप्रैल 2016 से मार्च 2019 के दौरान, शुरू होने वाले स्टार्ट अप्स को पांच वर्षों में से तीन वर्षों तक कमाए गए लाभ पर सौ प्रतिशत कर कटौती का लाभ देकर व्यवसाय को बढ़ावा देने में मदद का प्रस्ताव दिया गया है।

जिन्हें मिल रही है पेंशन
राष्ट्रीय पेंशन स्कीम के मामले में रिटायरमेंट के समय कोष से 40 प्रतिशत विड्रॉल को टैक्स फ्री करने का प्रस्ताव दिया गया है।

सस्ते घरों के लिए प्रोत्साइन
जून, 2016 से मार्च 2019 तक एलॉट होने वाले और पहले तीन वर्ष के भीतर चार मेट्रो शहरों में निर्मित किए जाने वाले 30 वर्ग मीटर के फ्लैटों और अन्य शहरों में 60 वर्गमीटर तक के फ्लैटों हेतु आवास निर्माण परियोजना शुरू करने वाले उपक्रमों को लाभों से सौ प्रतिशत कटौती देने का प्रस्ताव किया।

पहली बार खरीद रहे हैं घर
पहली बार मकान खरीदने वालों के लिए वित्त मंत्री ने अगले वित्त वर्ष के दौरान स्वीकृत 35 लाख रुपये तक के ऋणों हेतु 50 हजार रुपये प्रतिवर्ष के अतिरिक्त ब्याज के लिए कटौती देने का प्रस्ताव किया, बशर्ते मकान की कीमत 50 लाख रुपये से ज्यादा न हो।












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