Tauktae के बाद आ रहा एक और तूफान, बंगाल, ओडिशा समेत इन राज्यों पर होगा असर, 26 मई को होगी मूसलाधार बारिश: IMD
नई दिल्ली, 19 मई: तौकते तूफान ने देश के कई राज्यों में जबरदस्त तबाही मचाई। इस भयंकर चक्रवर्ती तूफान के बाद जल्द भारत में एक और समुद्री तूफान आने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बुधवार को कहा कि चक्रवात तौकते के बाद पश्चिमी तट के राज्यों में, एक और चक्रवात के 26 मई तक पूर्वी तट से टकराने की संभावना है।

बंगाल, ओडिशा समेत इन राज्यों में 26 मई को मूसलाधार बारिश का अलर्ट
आईएमडी के वरिष्ठ वैज्ञानिक आरके जेनामणि ने बताया कि ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों में 25 मई की शाम से ज्यादातर जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होगी। अगले दिन यह उत्तर और उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ना शुरू कर देगा। जेनामणि ने कहा कि अंडमान सागर के पास बंगाल की खाड़ी में एक चक्रवाती तूफान विकसित हो रहा है। उन्होंने कहा, '22 मई को cyclonic circulation के रूप में शुरू होगा। '
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65 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना
मछुआरों और नावों को 22 मई से समुद्र में न निकलने की सलाह दी गई है। आईएमडी ने कहा कि 23 मई को अंडमान सागर और इससे सटे पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी में 4555 किमी प्रति घंटे और 65 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। "यह 23 मई से 5060 किमी प्रति घंटे और 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ने की संभावना है और 24-26 मई के दौरान बंगाल की मध्य खाड़ी के प्रमुख हिस्सों और ओडिशा पश्चिम के साथ-साथ और तेज आंधी आने की संभावना व्यक्त की है।

इस तारीख को पश्चिम बंगाल और ओडिशा के तटों पर पहुंचेगा
चक्रवात पर अपडेट देते हुए कोलकाता के क्षेत्रीय मौसम निदेशक, जीके दास ने कहा कि 22 मई के आसपास उत्तरी अंडमान सागर और इससे सटे पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी पर एक कम दबाव का क्षेत्र बनेगा। उन्होंने कहा, "इसके बाद के 72 घंटों के दौरान चक्रवाती तूफान में धीरे-धीरे तेज होने की संभावना है। यह 26 मई की शाम के आसपास पश्चिम बंगाल और ओडिशा के तटों पर पहुंचेगा।

तौकते तूफान ने मचाई तबाही
मौसम अधिकारी जी के दास ने कहा अप्रैल-मई, प्री-मॉनसून महीने, आमतौर पर पूर्वी और साथ ही पश्चिमी तट पर चक्रवातों के निर्माण का गवाह बनते हैं। बता दें चक्रवात 'ताउते' तूफान ने गुजरात में तबाही के निशान छोड़े, जिसमें 40 से अधिक लोगों की मौत हो गई और हजारों पेड़ उखड़ गए। इससे केरल, मुंबई और कर्नाटक में भी व्यापक नुकसान हुआ।












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