तरुण अग्रवाल ने आश्रम को बनाया अय्याशी का अड्डा, PCO ऑपरेटर से योगगुरु बनने की पूरी कहानी
Tarun Agarwal Yoga Guru: छत्तीसगढ़ की धार्मिक नगरी डोंगरगढ़ में खुद को अंतरराष्ट्रीय योगगुरु बताने वाला एक कथित साधु पकड़ा गया है। तरुण अग्रवाल उर्फ सोनू (45) पिछले डेढ़ साल से प्रज्ञागिरी पहाड़ी के पास फार्महाउस को आश्रम का नाम देकर गुप्त गतिविधियां चला रहा था। पुलिस ने 24 जून की रात रेड कर वहां से 2 किलो गांजा, वियाग्रा टैबलेट, नशीली गोलियां, सेक्स टॉय और इंजेक्शन जब्त किए हैं।
गोवा से सीखी ठगी की तरकीबें
जानकारी के मुताबिक, तरुण करीब 20 साल तक गोवा में रहा। वहां उसने विदेशी सैलानियों को योग सिखाने के नाम पर संपर्क बनाया। पूछताछ में उसने दावा किया कि वह 100 से ज्यादा देशों में घूम चुका है और कई NGO का निदेशक है। पुलिस अब उसके इन दावों की सच्चाई और विदेशी फंडिंग की पड़ताल कर रही है।

डोंगरगढ़ में 'हेरिटेज योग सेंटर' का झांसा
गोवा से लौटने के बाद तरुण ने डोंगरगढ़ में जमीन खरीदी और फार्महाउस बनवाया, जिसे वह 'सेठ श्री बालकिशन प्रसाद अग्रवाल मेमोरियल फाउंडेशन' का आश्रम बताता था। उसने इलाके के लोगों को भरोसा दिलाया कि यहां गोवा जैसा हेरिटेज योग सेंटर खुलेगा। लेकिन असलियत यह थी कि रात में वहां नशा और अश्लील गतिविधियां चलती थीं।
युवाओं को फंसाने का तरीका
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि तरुण ने युवाओं को आकर्षित करने के लिए योग प्रशिक्षण की आड़ में नशा और सेक्स टॉय का जाल बिछाया। जब 'डेडिकेटेड' नशेड़ी लड़के नहीं मिले, तो उसने गांजा रखना शुरू किया। फार्महाउस में रात होते ही युवाओं की भीड़ जुटती थी।
लंबे समय से थी पुलिस को भनक
स्थानीय पुलिस को इस आश्रम पर काफी समय से संदेह था। गश्त के दौरान कई बार देर रात यहां युवकों का आना-जाना देखा गया। आखिरकार पुख्ता जानकारी मिलने पर 24 जून को कार्रवाई की गई। छापे के दौरान फार्महाउस से विदेशी उपकरणों के बॉक्स और कुछ संदिग्ध वीडियो सामग्री भी बरामद हुई, जिनकी जांच साइबर सेल कर रही है।
खास सुविधाओं वाला फार्महाउस
माना जा रहा है कि आरोपी इस आश्रम को आलीशान बनाने में जुटा था। कमरे और बाथरूम में महंगी टाइल्स और मार्बल लगाए गए थे। करीब 6 करोड़ रुपये में खरीदी गई यह संपत्ति अभी भी पूरी तरह तैयार नहीं थी।
परिवार और सामाजिक रसूख
तरुण अग्रवाल का परिवार डोंगरगढ़ में 'सेठ' के नाम से जाना जाता है। बड़े भाई ठेकेदारी करते हैं और अग्रवाल समाज के पदाधिकारी भी रह चुके हैं। पिता का निधन हो चुका है। मंझले भाई की फॉर्च्यून की दुकान है।
कभी पीसीओ चलाने वाला तरुण गोवा जाने के बाद विदेशी महिलाओं के नेटवर्क से जुड़ा और फिर छत्तीसगढ़ लौटकर साधु का वेश धारण कर 'गुरु' बन गया। अब पुलिस उसकी संपत्तियों, एनजीओ और बैंक खातों की जांच में जुटी है। फिलहाल आश्रम को सील कर दिया गया है।












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