तमिलनाडु: कन्याकुमारी में छत्रपति शिवाजी की मूर्ति पर हमला, दोषियों पर कार्रवाई के लिए प्रदर्शन-Video
तमिलनाडु के कन्याकुमारी जिले में छत्रपति शिवाजी महाराज की एक प्रतिमा को निशाना बनाया गया है। बदमाशों ने देर रात घटना को अंजाम दिया। इसके बाद इलाके में प्रदर्शन हुए हैं।

तमिलनाडु के कन्याकुमारी जिले में छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा पर बदमाशों ने हमला किया है और उसे क्षतिग्रस्त कर दिया है। घटना बीती रात की है। इस घटना की वजह से इलाके में तनाव है और कानून-व्यवस्था कायम रखने के लिए पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी है। इस तरह की हरकत किसने और क्यों कि इसके बारे में अभी तक कुछ भी नहीं पता चला है। लेकिन, पुलिस की जांच चल रही है। फिलहाल मूर्ति को कपड़े से ढंक दिया गया है।
छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा तोड़ने की कोशिश
तमिलनाडु के कन्याकुमारी जिले में छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा तोड़ने की कोशिश का मामला सामने आया है। मूर्ति पर हमला करने का आरोप अज्ञात लोगों पर है। घटना पिछली रात की है। पुलिस के मुताबिक इस मामले में एक मुकदमा दर्ज किया गया है।
शरारती तत्वों की तलाश जारी- पुलिस
जानकारी के मुताबिक रविवार सुबह जब गांव वालों की नजर छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा पर पड़ी तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी। कन्याकुमारी के एसपी हरि किरण प्रसाद ने कहा है, 'हम नहीं जानते कि यह तोड़ी गई है या नहीं। मूर्ति को हल्का नुकसान पहुंचाया गया है। हमने एक केस दर्ज किया है और शरारती तत्वों की पहचान करने या असल में हुआ क्या है, यह जानने के लिए एक टीम गठित की गई है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मियों की संख्या बढ़ा दी गई है। हम आगे की जांच कर रहे हैं।'
प्रतिमा निजी स्थान पर- पुलिस
न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक क्षतिग्रस्त मूर्ति ढंक दी गई है और जांच चल रही है। एसपी ने बताया कि यह 'निजी स्थान पर है।' वो बोले कि 'हम लोगों को लगातार बता रहे हैं कि सीसीटीवी लगाएं और उचित रोशनी का प्रबंध करें।'
घटना के विरोध में प्रदर्शन शुरू
छत्रपति शिवाजी महाराज की यह प्रतिमा 15 साल पहले कन्याकुमारी जिले के कुझिथराई इलाके में नवनीतकृष्णन मंदिर के पास स्थापित की गई थी। जैसे ही इस घटना की जानकारी सामने आई लोग जुटने लगे और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारी भारत माता की जय, क्षत्रपति शिवाजी महाराज की जय जैसे नारे लगा रहे थे।
बदमाशों की गिरफ्तारी की मांग
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का कहना है कि जब बदमाश पकड़े जाएंगे, तभी 2007 में बनी इस प्रतिमा को नुकसान पहुंचाने का मकसद पता चल पाएगा।












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