‘राम मानसिक रूप से अस्थिर थे’ टिप्पणी पर मचा हंगामा, मंच पर मौजूद थे MK स्टालिन, तमिल कवि ने कह दी ये बड़ी बात
Vairamuthu lord ram controversy: तमिलनाडु के वरिष्ठ और चर्चित गीतकार व कवि वैरामुथु (Vairamuthu) एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गए हैं। भगवान राम को लेकर उनकी हालिया टिप्पणी ने प्रदेश से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक राजनीतिक हलचल मचा दी है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इस बयान को न केवल हिंदू भावनाओं पर सीधा प्रहार बताया, बल्कि इसे धार्मिक आस्था के अपमान से भी जोड़ा।
दरअसल, वैरामुथु को मध्यकालीन तमिल कवि कंबन के नाम पर दिया जाने वाला पुरस्कार प्रदान किया गया। इस बयान को BJP ने 'आपत्तिजनक' और 'असत्य' बताते हुए वैरामुथु पर हिंदू आस्थाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया।

पार्टी नेताओं का कहना है कि यह वक्तव्य धार्मिक ग्रंथों के साथ खिलवाड़ और भगवान राम के चरित्र हनन की कोशिश है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। इस मुद्दे ने तमिलनाडु की राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है।
Poet Vairamuthu Ram Controversy: क्या है पूरा विवाद?
विवाद की शुरुआत एक साहित्यिक कार्यक्रम से हुई, जहां वैरामुथु को हाल ही में मध्यकालीन तमिल कवि कंबर के नाम पर दिया जाने वाला एक प्रतिष्ठित पुरस्कार मिला। इसी मंच से उन्होंने कंब रामायण का हवाला देते हुए कहा कि माता सीता से अलगाव के बाद भगवान राम ने "अपना विवेक खो दिया" और मानसिक रूप से अस्थिर हो गए थे। बता दें कि कंबर तमिल भाषा में रामायण की रचना के लिए प्रसिद्ध हैं।
वैरामुथु ने कहा, "सीता से अलग होने के बाद राम का मानसिक संतुलन बिगड़ गया और उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि वे क्या कर रहे हैं। भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 84 के अनुसार, अगर कोई व्यक्ति मानसिक विक्षिप्तता या अस्वस्थ मानसिक स्थिति में कोई कार्य करता है, तो वह अपराध की श्रेणी में नहीं आता।"
"राम इंसान और कंबन दिव्य"
अपने संबोधन में वैरामुथु ने आगे कहा, "कंबन को शायद कानून की जानकारी नहीं थी, लेकिन वह समाज और मानव मन को भलीभांति समझते थे। राम को पूरी तरह बरी कर दिया गया और उन्हें माफ कर दिया गया - जिससे राम एक इंसान बन जाते हैं और कंबन दिव्य।" इस कार्यक्रम में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन भी मौजूद थे।
BJP ने बताया हिंदू विरोधी
वैरामुथु के इस बयान पर BJP ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। BJP नेता सीआर केसवन ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, "वैरामुथु रामासामी बार-बार पवित्र हिंदू देवी-देवताओं का अपमान करने और हिंदू धर्म की निंदा करने के मामले में घृणित आदतन अपराधी हैं। अब वैरामुथु, जिनके नाम में विडंबना से 'राम' आता है, कंब रामायण का विकृत अर्थ निकालते हुए भगवान राम को 'मानसिक रूप से अस्थिर' बता रहे हैं।"
BJP नेताओं का कहना है कि वैरामुथु ने साहित्यिक व्याख्या के नाम पर धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया है। पार्टी ने उनसे सार्वजनिक तौर पर माफी मांगने की मांग की है, वहीं वैरामुथु के समर्थक इसे एक साहित्यिक दृष्टिकोण और ऐतिहासिक पात्र की मानवीय व्याख्या बता रहे हैं।












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