Tamil Nadu Elections: राहुल गांंधी-कनिमोझी की दिल्ली में बैठक, क्या DMK-कांग्रेस में सीट शेयरिंग हुई फाइनल?
Tamil Nadu Elections: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी और डीएमके सांसद कनिमोझी करुणानिधि के बीच बुधवार को दिल्ली में एक अहम बैठक हुई। सूत्रों के मुताबिक बैठक का माहौल पूरी तरह सौहार्दपूर्ण रहा, लेकिन सीट शेयरिंग या गठबंधन से जुड़े किसी मुद्दे पर कोई अंतिम फैसला नहीं हो सका।
कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि राहुल गांधी ने साफ किया कि पार्टी ऐसा कोई मुद्दा आगे नहीं बढ़ाएगी, जिससे डीएमके-कांग्रेस के पुराने रिश्तों में तनाव आए। यह बैठक इसलिए भी अहम मानी जा रही है, क्योंकि हाल के दिनों में कुछ कांग्रेस नेताओं द्वारा तमिलनाडु में पावर शेयरिंग की मांग किए जाने से डीएमके नीत गठबंधन में असमंजस की स्थिति बन गई थी।

डीएमके के लिए पावर शेयरिंग बेहद संवेदनशील मुद्दा
डीएमके के लिए सत्ता में हिस्सेदारी (Power Sharing) हमेशा से एक संवेदनशील विषय रहा है। पार्टी की पुरानी नीति रही है कि वह चुनाव से पहले सहयोगी दलों के साथ सत्ता साझा करने की बात नहीं करती।
डीएमके नेताओं को यह भी डर है कि अगर कांग्रेस को पावर शेयरिंग का आश्वासन दिया गया, तो अन्य सहयोगी दल भी ऐसी ही मांग करने लगेंगे, जिससे चुनाव से पहले पार्टी की स्थिति कमजोर हो सकती है।
सीटों पर बात के लिए कमेटी बनाने का सुझाव
सूत्रों के मुताबिक राहुल गांधी ने सुझाव दिया कि दोनों दल सीट शेयरिंग पर बातचीत के लिए अलग-अलग कमेटियां बनाएं, जो आपसी चर्चा के बाद सीटों की संख्या तय करें।
डीएमके ने AICC प्रभारी को लेकर जताई आपत्ति
बैठक के दौरान डीएमके ने तमिलनाडु के लिए कांग्रेस के AICC प्रभारी गिरीश चोडणकर को लेकर भी अपनी नाराज़गी जाहिर की। बताया जा रहा है कि कांग्रेस आगे की बातचीत के लिए राज्यसभा सांसद मुकुल वासनिक को चोडणकर के साथ डीएमके नेताओं से मिलने भेज सकती है।
TVK के साथ गठबंधन पर हाईकमान ठंडा
कांग्रेस के शीर्ष सूत्रों का कहना है कि पार्टी के कुछ नेता जहां TVK के साथ गठबंधन के पक्ष में हैं, वहीं कांग्रेस हाईकमान इस विकल्प को लेकर उत्साहित नहीं है। फिलहाल पार्टी का फोकस डीएमके के साथ रहते हुए ज्यादा सीटें हासिल करने पर है।
17 जनवरी को हुई थी कांग्रेस नेताओं की बड़ी बैठक
17 जनवरी को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी और केसी वेणुगोपाल ने तमिलनाडु कांग्रेस नेताओं के साथ बैठक की थी। इस बैठक में कई नेताओं ने सत्ता में हिस्सेदारी की मांग उठाई। इसके बाद हाईकमान ने करीब 40 राज्य नेताओं से अलग-अलग मुलाकात की और फिर एक साझा बैठक में साफ निर्देश दिए कि गठबंधन को लेकर सोशल मीडिया या सार्वजनिक बयानबाजी न करें।
फैसला हाईकमान करेगा, साफ संदेश
कांग्रेस नेताओं को साफ तौर पर बताया गया कि गठबंधन, सीट बंटवारे और पावर शेयरिंग पर अंतिम फैसला पार्टी हाईकमान ही करेगा।
सीटों को लेकर दोनों दलों में अंतर
कांग्रेस नेता मानते हैं कि पार्टी 41 से 45 विधानसभा सीटें चाहती है और न्यूनतम 38 सीटों पर समझौता कर सकती है। वहीं डीएमके ने 2021 में कांग्रेस को 25 सीटें दी थीं और इस बार वह संख्या बढ़ाकर 28 से 30 सीटों तक ही जाने के मूड में है।













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