दिल्ली में लावारिस शवों के मिलने की बढ़ती तादाद
नई दिल्ली (ब्यूरो)। दिल्ली की आबादी लगातार बढ़ती जा रही है, पर फिर भी इस शहर में बहुत से लोग बिल्कुल अकेले हैं। एक बार संसार से जाने के बाद उनको अंतिम संस्कार करने वाला भी कोई नहीं मिलता। इससे दिल्ली पुलिस और सामाजिक संगठन भी परेशान हैं। दिल्ली पुलिस की तरफ से मिली जानकारी के अनुसार, चालू साल के दौरान राजधानी में दिल्ली में इस महीने के पहले हफ्ते तक 2883 शव बरामद हो चुके हैं। यह बहुत बड़ा आंकड़ा है।

कहां मिले सबसे ज्यादा लावारिस शव
राजधानी के उत्तरी जिला रेलवे एवं अपराध क्षेत्र में रेलवे लाइनों व रेलवे स्टेशनों के आस-पास मिलने वाले शवों की संख्या सब से ज्यादा है। उत्तरी जिला में 9 नवम्बर तक 584 शव मिल चुके हैं। वहीं रेलवे लाइनों के आसपास 519 लावारिस शव बरामद हो चुके हैं। कई बरामद होने वाले लावारिस शव या तो जले हुई अवस्था में पाएं जाते हैं या फिर उनके चेहरे कुचल कर उनकी पहचान मिटाने की कोशिश की जाती है।
दरअसल राजधानी में लावारिस शवों की संख्या में साल-दर -साल इजाफा हो रहा है। पर कहने वाले कहते हैं कि पुलिस लावारिस लोगों के शवों की पहचान को लेकर गंभीर नहीं है। अधिकांश मामलों में पुलिस इन शवों को लावारिस घोषित कर इनका अंतिम संस्कार करके फाइल को बंद कर देती हैं।
पुलिस अंतिम संस्कार के लिए शहीद भगत सिंह सेवा दल जैसा संगठनों से मदद लेती हैं। इसके वरिष्ठ उपाध्यक्ष अवतार सिंह ने माना कि राजधानी में लावारिस लोगों के शवों का मिलने का सिलसिला बढ़ता जा रहा है। जानकार कहते हैं कि अधिकांश शव सड़क पर भीख मांगने वाले बेघरों, नशेडिय़ों आदि के होते हैं। हालांकि पुलिस सूत्र यह भी कहते हैं कि कुछ शव उन लोगों के भी हो सकते हैं,जिन्हें मार दिया गया होता है और फिर सड़क पर फेंक दिया जाता है।












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