अपने आखिरी भाषण में सुषमा स्वराज ने किस BJP नेता को बताया संकटमोचक
नई दिल्ली। देश की पूर्व विदेश मंत्री और भाजपा की दिग्गज नेता सुषमा स्वराज का मंगलवार को दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। सुषमा स्वराज अस्वस्थ होने के कारण ही लोकसभा चुनाव नहीं लड़ी थीं। हालांकि, इन दिनों में वे ट्विटर पर एक्टिव रहती थीं और हर मुद्दे पर अपने विचार प्रकट करती थीं। हाल ही में समाप्त हुए आम चुनाव में आखिरी बार वे गाजियाबाद से बीजेपी उम्मीदवार जनरल वीके सिंह के समर्थन में सभा को संबोधित करने आई थीं।

जनरल वीके सिंह के लिए प्रचार करने पहुंची थीं गाजियाबाद
इस दौरान उन्होंने जनरल वीके सिंह को संकटमोचक बताया था। वीके सिंह मोदी सरकार के पहले कार्यकाल के दौरान विदेश राज्यमंत्री थे, तब सुषमा स्वराज विदेश मंत्री थीं। गाजियाबाद में सभा को संबोधित करते हुए सुषमा स्वराज ने कहा था, 'मैं किसी साधारण सांसद या किसी केंद्रीय मंत्री के लिए वोट मांगने नहीं आई हूं, बल्कि अपने संकटमोचक वीके सिंह को जिताने की अपील करने आई हूं।'

वीके सिंह को बताया था संकट मोचक
भाजपा के क्षेत्रीय मंत्री अजय शर्मा ने बताया कि सुषमा स्वराज ने विदेश राज्यमंत्री के रूप में वीके सिंह द्वारा यूक्रेन, लीबिया और यमन में फंसे भारतीयों को वापस लाने के संस्मरण सुनाए थे। पूर्व विदेश मंत्री ने बताया था कि जब भी विदेश में भारतीय फंसे, तो उन्होंने किस तरह दिन-रात की परवाह नहीं की, यूक्रेन में फंसे एक हजार छात्रों और लीबिया में 3500 लोगों को निकाला। यमन और अन्य जगहों से मिलाकर करीब 7 हजार लोगों को अपने देश पहुंचाया था। वे किसी की भी मदद करने को तैयार रहती थीं।

विदेश में फंसे भारतीयों की सुषमा स्वराज ने हर संभव मदद की
बता दें कि सुषमा स्वराज एक प्रखर वक्ता थीं और सदन में उनके भाषणों पर विरोधी पर तालियां बजाने को मजबूर हो जाते थे। सुषमा स्वराज की शालीन भाषा ही उन्हें अन्य नेताओं से अलग करती थी। विदेश मंत्री रहते हुए सुषमा स्वराज ने ये सुनिश्चित किया कि दुनिया के किसी भी देश में अगर एक भी भारतीय को कोई परेशानी होगी, वे हर संभव मदद करेंगी। ऐसे कई उदाहरण मौजूद हैं जब अन्य देशों में मुश्किल में फंसे भारतीयों की सुषमा स्वराज ने मदद की थी।












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