सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर रोहिणी अय्यर ने लिखी ये इमोशनल पोस्‍ट और ग्लैमर की दुनिया के खोले और कई राज

सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर रोहिणी अय्यर ने लिखी ये भावुक पोस्‍ट, ग्‍लैमर की दुनिया के खोले कई राज

मुंबई। सुशांत सिंह राजपूत की मौत को अब तीन दिन बीत चुके हैं लेकिन उनके हंसते खिलखिलाते चेहरे को याद कर, हर‍ किसी के मन में बस ये ही सवाल हैं आखिर क्यों? वहीं सुशांत सिंह राजपूत के सुसाइड के बाद बॉलीवुड से लेकर सोशल मीडिया तक पर नेपोटिज्म को लेकर बहस छिड़ गई हैं। सुशांत की मौत के लिए बॉलीवुड की गुटबाजी को जिम्मेदार ठहराया जा रहा हैं। सुशांत सिंह राजपूत के कई करीबी लोग सोशल मीडिया पर पोस्ट लिख कई खुलासे कर रहे हैं। अब सुशांत की पूर्व मैनेजर और बॉलीवुड की मशहूर पब्लिसिस्ट रोहिणी अय्यर ने भी एक पोस्ट सुशांत के बारे में लिखा है। रोहिणी अय्यर जो कि सुशांत की क्लोज दोस्‍त भी रहीं उन्‍होंने सुशांत के बारे में एक लंबा पोस्ट लिखकर ग्लैमर की इस दुनिया की कड़वी सच्चाई बयां करते हुए कई राज खोले हैं।

लोग सुशांत की मौत के बहाने अपने एजेंडा को आगे बढ़ा रहे हैं

लोग सुशांत की मौत के बहाने अपने एजेंडा को आगे बढ़ा रहे हैं

रोहिणी अय्यर ने अपने इंस्‍टाग्राम पर सुशांत के साथ अपनी कई तस्‍वीरें साक्षा करते हुए बड़ी ही इमोशनलपोस्‍ट लिखी। रोहिणी ने लिखा कि मेरा सबसे अच्छा दोस्त अब नहीं रहा, मुझे ये सच को स्वीकाराना बहुत मुश्किल हो रहा हैं। जब भी मैं सोशल मीडिया पर उससे जुड़ी खबरें अभी देख रही हूं तो मुझे उसके बारे में सिर्फ ऑनलाइन काल्पनिक चीजें पढ़ने को मिल रही हैं जिसका सुशांत सिंह से कोई लेना देना नहीं है। सोशल मीडिया पर गप्‍पे मारने वाले लोग ही दिख रहे हैं। वो सुशांत की मौत के बहाने अपने एजेंडे को आगे बढ़ा रहे हैं। वो ऐसा करके खुद को या अपनी विचारधारा को आगे बढ़ाने के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। हर वो इंसान जो दो सेकेंड की प्रसिद्धि पाना चाहता है वो उसकी जिंदगी पर कुछ न कुछ कह रहा है।

सुशांत को दिखावटी दोस्तों, फोन कॉल्स और झूठी बातों से नफरत थी

सुशांत को दिखावटी दोस्तों, फोन कॉल्स और झूठी बातों से नफरत थी

रोहिणी ने लिखा कि सुशांत को किसी की राय या प्रसिद्धि से किंचित मात्र भी फर्क नहीं पड़ता था। उसे इन लोगों से जरा सा भी फर्क नहीं पड़ता था जो आज ये प्रचार करते फिर रहे हैं कि वो उसके साथ टच में नहीं रह सके। साथ ही मैं ये भी बता दूं कि उसे टच में रहने की परवाह नहीं रहती थी। उसे दिखावटी दोस्तों, फोन कॉल्स और झूठी बातों से नफरत थी।' सुशांत को किसी गुटबाजी में रहना पसंद नहीं था। उसने उनकी पार्टियां और लॉबी को ठुकरा दिया था उसके पास अपना साम्राज्य था। सुशांत को 100 करोड़ के क्लब से कोई मतलब नहीं था। उसे अवॉर्ड्स में भी कोई दिलचस्पी नहीं थी।

सुशांत को अवॉर्ड्स में कोई दिलचस्पी नहीं थी

सुशांत को अवॉर्ड्स में कोई दिलचस्पी नहीं थी

रोहिणी ने आगे लिखा कि न तो किसी गुट का हिस्सा बनना चाहता था और न ही इस रेस में शामिल होकर दौड़ना चाहता था। उसे अवॉर्ड्स में कोई दिलचस्पी नहीं थी। उन्‍होंने लिखा कि एक बार एक अवॉर्ड फंक्शन से वो सिर्फ इसलिए बाहर चले आए क्योंकि वो वहां बोर हो रहे थे। वह भी उससे ठीक पहले जब उसके लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के अवॉर्ड की घोषणा की गई थी।' रोहिणी कहती हैं कि 'उसका अटेंशन लेने के लिए आपको उस ट्रॉफी से बहुत ज्यादा कुछ होने की जरूरत थी। सुशांत कुदरत का एक करिश्मा था। उसकी कामयाबियों को गिनना मुश्किल है।

सुशांत को कृपया अपने एजेंडे के लिए उसके टैलेंट को कम ना आंकें'

सुशांत को कृपया अपने एजेंडे के लिए उसके टैलेंट को कम ना आंकें'

वो तो बस अपने आप में एक क्वांटम फिजिक्स था। वह एक पागल जीनियस था। उसने Sartre और Nietzsche को पढ़ा था। उसने Astronomy और Stoicism पढ़ी थी। वो कविताएं लिखता था, गिटार बजाता था और वो अपने दोनों हाथों से लिख सकता था। उसे इस ग्रह की फिक्र थी। इस दुनिया की, मंगल पर जाने की। उसकी रुचि विज्ञान और आविष्कार से जुड़ी चीजों के लिए दान देने में थी। उसकी अपनी एक नायाब दुनिया थी। इसलिए प्‍लीज अपने एजेंडे के लिए उसके टैलेंट को कम ना आंकें।'

फिल्म इंडस्ट्री उसकी जिंदगी का छोटा हिस्सा था

फिल्म इंडस्ट्री उसकी जिंदगी का छोटा हिस्सा था

यदि आप उसके बारे में बात करना चाहते हैं, तो उसके जीवन का जश्न मनाएं। सुशांत ने अपने दिल और आत्मा को अपनी एक्टिंग में डाल दिया, उसे मेकअप से अधिक अपनीे कलाकारीके बारे में ध्‍यान दिया। वो आउटसाइडर था उसने एक इनसाइडर होने की कभी परवाह नहीं की थी। ऐसा इसलिए क्योंकि फिल्मों के बाहर उसकी दुनिया थी। फिल्म इंडस्ट्री तो उसकी जिंदगी का छोटा हिस्सा था। इसके बाहर उसकी कई दुनिया थी। उसके कड़ी मेहनत करके फिल्‍म इंडस्‍ट्री में ये मुकाम हासिल किया था। उसका अपना खुद का दायरा था। वो एक असली फाइटर था। रोहिणी बताती हैं कि 'उसने कामयाबी को हमेशा किनारे ही रखा। वो कभी असफल नहीं हुआ। उसने साथ काम कर रहे दूसरे कलाकारों की अपेक्षा उसने ज्यादा हिट फिल्‍में बहुत कम समय में दी थीं।

सुशांत ने कभी पैसे की परवाह नहीं की

सुशांत ने कभी पैसे की परवाह नहीं की

रोहणी ने लिखा कि बहुत बार अगर वह नहीं चाहता था तो उसने बहुत बड़े एक्‍टर्स और पॉवरफुल लोगों की लोगों की कॉल नहीं अटैन्‍ड की। उसने पैसे की परवाह नहीं की, मैंने उसे करोड़ों के ऑफर को ठुकराते हुए देखा हैं। सुशांत का अगर मन करता तो वो अपना फोन स्विच ऑफ करके खेती करने के लिए या फिशिंग करने के लिए निकल जाता था। उन्‍होंने लिखा कि वो मेरा बहुत खास दोस्‍त था। उन्‍होने लिखा वह कभी असफल नहीं हुआ। मेरे प्यारे दोस्त ने हमेशा सभी को प्‍यार दिया। रेाहिणी ने अंत में लिखा कि वह मेरा सबसे अच्छा दोस्त था जो मेरी यादों में सदा जिंदा रहेगा।

View this post on Instagram

This has to be said . My best friend is no more , I still have a bloody hard time accepting that and whenever I check social media to check up on news on him, I read fiction and instead of finding people online , i see peddlers . Peddlers pushing their agendas to promote themselves and their causes . Every single person who wants their two bit fame has an opinion on his life . Firstly, he didn’t give a fuck about fame or your opinions. He didn’t care about these people who are busy posting about not being in touch with him. For the record, he didn’t care about being in touch. He hated fake friends, phone calls and small talk. He rejected your parties, you didn’t shun him. He rejected your lobbies . He didnt need camps, he had his own kingdom. He was a fighter . He made his own place in the sun. He was an outsider and he never cared about being a insider . That’s because he had a life beyond films. The industry was a small part of his life , he had many worlds beyond that . He didn’t give a shit about success . He never failed . He has given more super hits than any of his other contemporaries . He just didn’t care about the 100 crore club. He didn’t want to belong to any club or be part of the rat race . He didn’t care about awards . He walked out of an award function just cos he got bored . This was even before they announced his best actor award . You had to be a lot more interesting than a bloody trophy to hold his attention. He was a force of nature. His accomplishments are multifold. He was as simple as quantum physics . He was a crazy genius. He read Sartre and Nietzsche , he studied astronomy and stoicism , he wrote poetry , played the guitar , wrote with his left and right hand. He cared about saving the planet , the world , about going to Mars, he invested in charities , in science projects and innovations that were beyond your comprehension . So please don’t try to make sense of him or reduce his talent to serve your mere agenda .

A post shared by Rohini iyer (@rohiniyer) on

सुशांत सिंह की मौत पर अमिताभ बच्‍चन ने लिखी ये बड़ी सी भावुक पोस्‍ट, एक्‍टर के बारे में खोले कई राज

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+