तेल की कीमतों पर लोकसभा में सुप्रिया सुले का तंज, कहा- हर महीने होने दें चुनाव
नई दिल्ली, 23 मार्च: जनवरी में चुनाव आयोग ने पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव का ऐलान किया था। जिसके बाद से तेल की कीमतों में बढ़ोतरी रुक गई थी। हाल ही में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कीमतें फिर से बढ़ीं, जिसको लेकर विपक्ष केंद्र सरकार पर हमलावर है। अब राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की सांसद सुप्रिया सुले ने लोकसभा में तेल की कीमतों को लेकर मोदी सरकार पर तंज कसा है।

सुप्रिया सुले ने सदन में कहा कि केवल चुनाव ही ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी को रोक रहे हैं। हर महीने चुनाव होने दें ताकि पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कीमतों में बढ़ोतरी ना हो। वहीं संसद में पिछले कुछ दिनों से महंगाई और तेल की कीमतों को लेकर विपक्ष का हंगामा जारी है। मंगलवार को ही विपक्षी दलों ने लोकसभा से वॉकआउट कर दिया था। उस दौरान कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, द्रमुक, एनसीपी और वाम दलों के सदस्यों ने जमकर नारेबारी की। साथ ही सरकार से बढ़ोतरी को वापस लेने की मांग की।
कितनी हुई थी बढ़ोतरी?
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में मंगलवार को 80 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई, जबकि घरेलू रसोई गैस की कीमतों में 50 रुपये प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी हुई है। सबसे चिंता की बात ये है कि रूस और यूक्रेन में युद्ध जारी है, जिस वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं। अगर हालात ऐसे ही रहे तो आने वाले दिनों में लोगों को महंगाई के और झटके लगेंगे।
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खड़गे ने कही ये बात
वहीं राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव के बाद पेट्रोल-डीजल और सिलेंडर की कीमत में बढ़ोतरी होनी ही थी, चुनाव को लेकर इसे रोका गया था। चुनाव खत्म हुए और कीमतें बढ़ाई गई। इसके अलावा कांग्रेस सांसदों ने गांधी प्रतिमा के पास प्रदर्शन किया।












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