'पीएम मोदी खुद रख रहे हैं NEET पर नजर' शिक्षा मंत्री ने छात्रों को दिया भरोसा, कहा- समय पर आएगा रिजल्ट

NEET UG 2026: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट यूजी को लेकर पिछले कुछ वर्षों में हुए विवादों, पेपर लीक के आरोपों और परीक्षा प्रक्रिया पर उठे सवालों ने लाखों छात्रों और उनके परिवारों की चिंता बढ़ा दी थी। पिछले साल सामने आए मामलों के बाद सरकार पर भी परीक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने का दबाव था। अब ऐसा लगता है कि केंद्र सरकार इस बार किसी भी तरह की चूक की गुंजाइश नहीं छोड़ना चाहती।

यही वजह है कि परीक्षा की तैयारियों को लेकर सरकार ने कई स्तरों पर सुरक्षा और निगरानी का बड़ा तंत्र तैयार किया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अचानक नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) मुख्यालय पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया और अधिकारियों के साथ लंबी समीक्षा बैठक की। इसके बाद उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस बार परीक्षा को निष्पक्ष, सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। खास बात यह है कि पूरी प्रक्रिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी लगातार नजर बनाए हुए हैं और समय-समय पर तैयारियों की जानकारी ले रहे हैं।

प्रधानमंत्री मोदी की निगरानी में तैयार हो रही परीक्षा व्यवस्था

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि नीट यूजी परीक्षा को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बेहद गंभीर हैं क्योंकि यह परीक्षा सीधे तौर पर लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ी हुई है। उन्होंने बताया कि परीक्षा आयोजन से जुड़े हर महत्वपूर्ण पहलू पर उच्च स्तर पर समीक्षा की जा रही है।

सरकार का मकसद केवल परीक्षा कराना नहीं, बल्कि ऐसा माहौल तैयार करना है जिसमें छात्र बिना किसी डर, संदेह या विवाद के परीक्षा दे सकें। यही कारण है कि इस बार सुरक्षा और निगरानी को पहले के मुकाबले काफी ज्यादा मजबूत बनाया गया है। शिक्षा मंत्री ने यह भी बताया कि परीक्षा व्यवस्था को लेकर कैबिनेट सचिव के नेतृत्व में उच्च स्तरीय बैठकें आयोजित की गई हैं, जिनमें कई मंत्रालयों और एजेंसियों ने हिस्सा लिया है।

गृह मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय के साथ मिलकर तैयार किया गया सुरक्षा प्लान

सरकार ने नीट परीक्षा को सुरक्षित बनाने के लिए केवल शिक्षा मंत्रालय पर निर्भर रहने के बजाय दूसरे महत्वपूर्ण मंत्रालयों को भी इसमें शामिल किया है। धर्मेंद्र प्रधान के मुताबिक वे खुद गृह मंत्री और रक्षा मंत्री के साथ इस मुद्दे पर चर्चा कर चुके हैं।

प्रश्नपत्र तैयार होने के समय से लेकर उसके परीक्षा केंद्र तक पहुंचने की पूरी प्रक्रिया को कड़ी सुरक्षा के दायरे में रखा गया है। पेपर की प्रिंटिंग, पैकेजिंग, ट्रांसपोर्टेशन और स्टोरेज तक हर चरण की निगरानी की जा रही है। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकार का मानना है कि सुरक्षा की यह बहुस्तरीय व्यवस्था किसी भी संभावित गड़बड़ी को रोकने में मदद करेगी।

551 शहरों में परीक्षा, विदेशों तक पहुंची तैयारी

इस बार नीट यूजी परीक्षा का आयोजन केवल भारत तक सीमित नहीं है। परीक्षा देश और विदेश के कुल 551 शहरों में कराई जा रही है, जिनमें 41 परीक्षा केंद्र भारत के बाहर स्थित हैं। इतने बड़े स्तर पर परीक्षा आयोजित करना अपने आप में एक बड़ी चुनौती माना जाता है।

लाखों छात्रों तक सुरक्षित तरीके से प्रश्नपत्र पहुंचाना और परीक्षा केंद्रों पर व्यवस्था बनाए रखना प्रशासनिक दृष्टि से बेहद जटिल काम होता है। यही वजह है कि केंद्र सरकार ने इस बार हर राज्य और केंद्र शासित प्रदेश के प्रशासन को भी तैयारी प्रक्रिया में सक्रिय रूप से शामिल किया है।

प्रश्नपत्रों की सुरक्षा में वायुसेना की भी भूमिका

नीट परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए भारतीय वायुसेना की मदद भी ली जा रही है। सरकार ने प्रश्नपत्रों की सुरक्षित और समयबद्ध डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए विशेष व्यवस्था बनाई है। बड़े पैमाने पर आयोजित होने वाली परीक्षा में कई बार दूरी और समय सबसे बड़ी चुनौती बन जाते हैं।

ऐसे में वायुसेना के सहयोग से संवेदनशील सामग्री को सुरक्षित तरीके से निर्धारित स्थानों तक पहुंचाने की योजना तैयार की गई है। सरकार का मानना है कि इससे किसी भी प्रकार की देरी या सुरक्षा जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकेगा।

साइबर अटैक और ऑनलाइन धांधली रोकने के लिए हाईटेक इंतजाम

पिछले कुछ वर्षों में परीक्षा से जुड़े कई मामलों में डिजिटल माध्यमों के दुरुपयोग की बात सामने आई थी। इसी को ध्यान में रखते हुए इस बार साइबर सुरक्षा पर विशेष फोकस किया गया है। शिक्षा मंत्री ने बताया कि तकनीकी विशेषज्ञों और आईटी टीमों को पूरी तरह अलर्ट मोड पर रखा गया है।

परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े डिजिटल सिस्टम की लगातार निगरानी की जा रही है। साइबर हमलों, डेटा चोरी या किसी भी तरह की ऑनलाइन सेंधमारी को रोकने के लिए आधुनिक सुरक्षा तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है। सरकार का दावा है कि कई स्तरों वाली सुरक्षा प्रणाली तैयार की गई है, जिससे किसी भी संगठित गिरोह या हैकर के लिए परीक्षा व्यवस्था में हस्तक्षेप करना बेहद मुश्किल होगा।

राज्यों और जिला प्रशासन को दी गई अहम जिम्मेदारी

नीट परीक्षा को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से कराने के लिए केंद्र सरकार ने सभी राज्य सरकारों से सीधा संवाद किया है। धर्मेंद्र प्रधान के अनुसार राज्यों ने पूरा सहयोग देने का भरोसा दिया है। मुख्य सचिवों से लेकर जिला स्तर के अधिकारियों तक लगातार समीक्षा बैठकें की जा रही हैं।

हर जिले के जिलाधिकारी को अपने क्षेत्र के परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है। प्रशासनिक अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि परीक्षा के दिन किसी भी तरह की अव्यवस्था, अफवाह या सुरक्षा संबंधी समस्या सामने आने पर तत्काल कार्रवाई की जाए।

NTA में किए गए कई बड़े बदलाव

पेपर लीक विवादों के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठे थे। इन्हीं सवालों को ध्यान में रखते हुए एजेंसी के भीतर कई सुधारात्मक कदम उठाए गए हैं। महत्वपूर्ण पदों पर नई नियुक्तियां की गई हैं और कई प्रशासनिक बदलाव किए गए हैं। अधिकारियों का मानना है कि इन बदलावों से एजेंसी की जवाबदेही और कार्यक्षमता दोनों में सुधार होगा। साथ ही परीक्षा संचालन से जुड़ी प्रक्रियाओं को पहले की तुलना में अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित बनाया गया है।

CBI जांच पर सरकार का भरोसा

पुराने पेपर लीक मामलों को लेकर शिक्षा मंत्री ने कहा कि जांच एजेंसी सीबीआई पूरी गंभीरता के साथ अपना काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा केवल दोषियों की पहचान करना नहीं बल्कि ऐसा संदेश देना है कि भविष्य में कोई भी व्यक्ति परीक्षा प्रणाली के साथ खिलवाड़ करने की हिम्मत न कर सके। मंत्री ने साफ कहा कि जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। चाहे वह छोटा कर्मचारी हो, अधिकारी हो या किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा, कानून सभी पर समान रूप से लागू होगा।

छात्रों से अफवाहों से दूर रहने की अपील

धर्मेंद्र प्रधान ने छात्रों और अभिभावकों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि सरकार ने इस बार परीक्षा को सुरक्षित बनाने के लिए व्यापक तैयारियां की हैं। उन्होंने छात्रों से सोशल मीडिया पर चलने वाली अपुष्ट खबरों और अफवाहों से दूर रहने की सलाह दी। उनका कहना था कि परीक्षा को लेकर बेवजह की चर्चाओं में समय गंवाने के बजाय उम्मीदवारों को अपनी तैयारी पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि परीक्षा प्रक्रिया निष्पक्ष तरीके से पूरी की जाएगी और परिणाम भी निर्धारित समय के अनुसार जारी किए जाएंगे, ताकि छात्रों को अनावश्यक इंतजार का सामना न करना पड़े।

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