एनजेएसी को सुप्रीम कोर्ट ने बताया अंसवैधानिक, एनडीए को झटका

नई दिल्‍ली। सुप्रीम कोर्ट आज एक अहम फैसला देते हुए हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में जजों की नियुक्ति के लिए एनडीए सरकार की ओर से बनाए गए नेशनल ज्यूडिशियल अपाइंटमेंट कमीशन यानी एनजेएसी को असंवैधानिक बताया है। पांच जजों की एक बेंच की ओर से इस पर फैसला दिया है और निश्चित तौर पर यह केंद्र की एनडीए सरकार के लिए बड़ा फैसला है।

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पढ़ें-आधार पर सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला

क्‍या है एनडीए सरकार का कमीशन

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि यह कमीशन न्‍यायव्‍यवस्‍था की स्‍वतंत्रता में बाधा डालेगा। एनडीए सरकार के इस नए कानून के मुताबिक कमीशन के छह सदस्‍य हाईकोर्ट के सुप्रीम कोर्ट के जजों की नियुक्ति करेंगे। वहीं देश के मुख्‍य न्‍यायधीश यानी सीजेआई इस कमीशन के हेड होंगे। कमीशन में सुप्रीम कोर्ट के दो सीनियर जज, कानून मंत्री और दो और हस्तियों को इस कमीशन में जगह दी जाएगी।

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क्‍या है वर्तमान स्थिति

अभी तक सुप्रीम कोर्ट का एक कोलेजियम जजों की नियुक्ति करता आ रहा है और यह परंपरा पिछले 22 वर्षों से चल रही है। इस कमीशन की वजह से करीब 400 जजों की नियुक्तियों पर विराम लगा हुआ है।

एनएजेसी के बाद कई याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गईं और कहा गया कि यह सिस्टम न्याय पालिका की आजादी में दखल है और गैरसंवैधानिक है, इसलिए इसे रद्द किया जाना चाहिए।

वहीं केंद्र सरकार का कहना है कि यह सिस्टम कोलेजियम से कहीं ज्यादा पारदर्शी है और किसी भी सूरत में न्यायपालिका की आजादी में दखल नहीं है। इस मामले पर अप्रैल से लेकर अगस्त तक सुनवाई चली।

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