पांच राज्यों के नतीजों से पहले वीवीपैट वैरिफिकेशन से जुड़ी मांग पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
नई दिल्ली, 08 मार्च: सुप्रीम कोर्ट ने उस जनहित याचिका को स्वीकार कर लिया है, जिसमें वोटों की गिनती शुरू करने से पहले वीवीपैट वैरिफिकेशन की मांग की गई है। सुप्रीम कोर्ट इस याचिका पर बुधवार (9 मार्च) को सुनवाई करेगा। आज इस याचिका पर सुनवाई के लिए सहमति देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इसके लिए भारत के चुनाव आयोग का पक्ष पूछेंगे और देखते हैं कि क्या किया जा सकता है।

Recommended Video
सुप्रीम कोर्ट में दाखिल इस जनहित याचिका में अदालत से मांग की गई है कि ईवीएम वोटों की गिनती की शुरुआत में वोटर वेरिफिएबल पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपैट) के वोटों का सत्यापन (वीवीपैट पर्चियों का मिलान) किया जाए ना कि मतगणना खत्म होने के बाद में इसे सत्यापित किया जाए। जैसा कि अभी तक होता है।
बता दें कि कुछ इवीएम मशीन के साथ वीवीपैट मशीन भी जुड़ी होती है। इवीएम में वोट डालने के बाद वीवीपैट मशीन से एक पर्ची निकलती है। जिसमें उस पार्टी और उम्मीदवार का नाम होता है, जिसको वोट दिया गया है। ये एक तरह की पुष्टि है कि मतदाता का वोट ही जगह गया है, कोई गड़बड़ नहीं हुई है। मतगणना के समय वीवीपैट पर्चियों का भी मिलान होता है।
10 तारीख को आने हैं पांच राज्यों के चुनावों के नतीजे
देश के पांच राज्यों- उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर में विधानसभा के चुनाव हुए हैं। फरवरी और मार्च में इन राज्यों में वोट पड़े हैं। सभी राज्यों में वोटों की गिनती 10 मार्च को होगी। सुप्रीम कोर्ट वीवीपैट मिलान को लेकर ये सुनवाई मतगणना से ठीक एक दिन पहले हो रही है। ऐसे में कोर्ट क्या कहता है, इस पर सभी की निगाहें होंगी।












Click it and Unblock the Notifications