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नींबू पानी या फ्रूट जूस? Nimbooz ड्रिक्स को लेकर सुप्रीम कोर्ट करेगा फैसला

नई दिल्ली, 26 मार्च। सॉफ्ट ड्रिक्स निम्बूज तो आपने पिया ही होगा। नहीं पिया है तो देखा या सुना तो होगा ही। निंबूज को लेकर एक बड़ी उलझन रहती है। कुछ लोग इसे नींबू पानी कहते हैं तो कुछ की नजर में फ्रूट जूस है। अगर आप भी इसी उधेड़बुन में है तो जल्द ही ये मुश्किल हल होने वाली है। अब सुप्रीम कोर्ट इसका फैसला करने जा रहा है। जी हां सही पढ़ रहे हैं आप, सुप्रीम कोर्ट इस बात पर सुनवाई के लिए तैयार हो गया है कि निंबूज सिंपल नींबू पानी है या फिर ये फ्रूट जूस है।

दो जजों की पीठ करेगी सुनवाई

दो जजों की पीठ करेगी सुनवाई

याचिका पर जस्टिस एमआर शाह और बीवी नागरत्न की दो न्यायाधीशों की पीठ द्वारा सुनवाई की जाएगी। 11 मार्च को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने ये निर्देश दिया है। निंबूज का मामला 2015 से कोर्ट में चल रहा है। अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद निंबूज की कैटेगरी साफ हो जाएगी। एक बार शीर्ष अदालत द्वारा मुद्दा तय किए जाने के बाद उत्पाद पर लगने वाला उत्पाद शुल्क निर्धारित करने की समस्या का भी हल हो जाएगा।

उत्पाद शुल्क पर इलाहाबाद पीठ ने दिया था ये फैसला

उत्पाद शुल्क पर इलाहाबाद पीठ ने दिया था ये फैसला

आराधना फूड्स नाम की कंपनी ने सर्वोच्च अदालत ने याचिका दायर की थी जिसमें मांग की गई थी कि इस पेय को वर्तमान की 'फ्रूट पल्प या फ्रूट जूस' कैटेगरी के बजाय नींबू पानी के रूप में वर्गीकरण किया जाए। याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में अप्रैल में सुनवाई होने की उम्मीद है।

निंबूज वर्तमान में फ्रूट जूस कैटेगरी में रखा गया है। यह वर्गीकरण पिछले साल नवंबर में सीमा शुल्क, उत्पाद शुल्क और सेवा कर अपीलीय न्यायाधिकरण (सीईएसटीएटी) की इलाहाबाद पीठ के फैसले के आधार पर किया गया है। न्यायमूर्ति दिलीप गुप्ता और न्यायमूर्ति पी वेंकट सुब्बा राव की पीठ ने अपने फैसले में निंबूज को फलों के रस पर आधारित पेय के रूप में वर्गीकृत किया। इस फैसले के कारण यह केंद्रीय उत्पाद शुल्क टैरिफ के मद 2202 90 20 के तहत आया है।

कंपनी ने आदेश के खिलाफ दायर की याचिका

कंपनी ने आदेश के खिलाफ दायर की याचिका

मेसर्स आराधना फूड्स ने उस आदेश को रद्द करने के लिए याचिका दायर की है। कंपनी ने तर्क दिया गया है कि पेय को केंद्रीय उत्पाद शुल्क टैरिफ अधिनियम 1985 की पहली अनुसूची के सीईटीएच 2022 10 20 के तहत वर्गीकृत किया जाना चाहिए।

कंपनी को फरवरी 2009 से दिसंबर 2013 तक नींबू पानी के रूप में शुल्क का भुगतान करने के लिए कहा गया था।

2013 में लॉन्च हुआ था निंबूज

2013 में लॉन्च हुआ था निंबूज

निंबूज को 2013 में पेप्सिको ने लॉन्च किया था। कंपनी ने इस ड्रिंक्स को बिना फिज किए असली नींबू के रस से बना बताया था। इसके चलते इसके वर्गीकरण को लेकर बहस शुरू हुई कि क्या इसे नींबू पानी माना जाए या फिर फलो के रस या फलों के गूदे पर आधारित जूस माना जाए।

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