SC ने केंद्र से कहा- जमीनी हकीकत को देखकर बदलिए वैक्सीन पॉलिसी, सुनवाई की 10 बड़ी बातें
वैक्सीन पॉलिसी पर SC नाखुश, पढ़िए सुनवाई की दस बड़ी बातें
नई दिल्ली, 31 मई: केंद्र सरकार की कोरोना टीकाकरण नीति को लेकर सवाल करने वाली याचिकायों पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई की है। सुप्रीम कोर्ट सुनवाई के दौरान की टीकाकरण नीति से नाखुश दिखा। कोर्ट ने केंद्र को कहा कि आपकी पॉलिसी में कई कमियां हैं, जमीनी हालात को समझते हुए इसमें बदलाव करिए। राज्यों को कोरोना वायरस की वैक्सीन ज्यादा कीमतों में दिए जाने को लेकर भी सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से सवाल किया। वहीं केंद्र की ओर से कोर्ट में दावा किया है कि 2021 के अंत तक 18 साल से ऊपर के सभी लोगों को टीका लगा दिया जाएगा। सुनवाई की दस बड़ी बातें-
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- कोविन ऐप पर रजिस्ट्रेशन की बाध्यता को लेकर अदालत ने कहा कि किसी मजदूर का रजिस्ट्रेशन कैसे होगा? ग्रामीण इलाकों में हालात अलग हैं। हम चाहते हैं कि आप हकीकत से वाकिफ हों कि देश में क्या हो रहा है। और पॉलिसी में जरूरी बदलाव करें।
- जस्टिस चंद्रचूड ने कहा, भारत में डिजिटल साक्षरता दूर की बात है। मैं ई-समिति का अध्यक्ष हूं। मैंने चीजों को देखा है। हम नीति नहीं बदल रहे हैं। हम आपसे कह रहे हैं कि देखें हकीकत क्या है। आपको जमीनी हकीकत को समझने की जरूरत है।
- सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि वैक्सीनेशन बड़ा मुद्दा है लेकिन इसको लेकर जो पॉलिसी है। वो बहुत स्पष्ट नहीं दिखती है। कोर्ट ने कोविन पोर्टल से लेकर वैक्सीन की कीमतों को लेकर कहा कि वैक्सीन के इतने सारे दाम हैं कि कुछ समझ नहीं आ रहा है।
- कोर्ट ने कहा, केंद्र कहता है कि ज्यादा मात्रा में वैक्सीन खरीदने पर उसे काम दाम चुकाने पड़ रहे हैं। अगर आपका यही तर्क है तो राज्यों को वैक्सीन के ज्यादा दाम क्यों देने पड़ रहे हैं? देशभर में वैक्सीन के दाम एक जैसे रखे जाने की जरूरत है।
- कोर्ट ने कहा, हमारी चिंता पूरे देश को वैक्सीन उपलब्ध कराने को लेकर है। हम मूल्य निर्धारण नीति पर जवाब चाहते हैं। ऐसा लगता है कि जैसे आप (केंद्र) राज्यों से एक दूसरे को प्रतिस्पर्धा करने के लिए कह रहे हैं।
- सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ऐसे संकट के दौर में केंद्र सरकार को पूरे देश के लिए वैक्सीन की खरीद करनी चाहिए। अदालत ने कहा कि वैक्सीन की खरीद को लेकर राज्य सरकारें परेशान हैं। ऐसे में केंद्र सरकार को सभी राज्यों के लिए टीके खरीदने चाहिए ताकि एक स्पष्टता रहे।
- केंद्र की पॉलिसी यह है कि म्युनिसिपल कॉरपोरेशन अपने लिए वैक्सीन की व्यवस्था कर सकते हैं? पंजाब और दिल्ली जैसे राज्य अपने लिए वैक्सीन की व्यवस्था करने के लिए ग्लोबल टेंडर निकाल रहे हैं? हम इस बारे में स्पष्टता चाहते हैं।
- केंद्र सरकार की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि इस साल के अंत तक 18 साल से ज्यादा के सभी नागरिकों को कोरोना की वैक्सीन लगाने का काम पूरा हो जाएगा।
- सॉलिसिटर जनरल ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि फाइजर जैसी फर्मों के साथ बातचीत में केंद्र अगर सफल होता है तो साल के अंत तक टीकाकरण पूरा करने की समय-सीमा को बदल दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि टास्क फोर्स की रिपोर्ट लगभग पूरी हो चुकी है और स्थिति अब नियंत्रण में है।
- सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि सरकार ने पहले ही 45 साल से अधिक आयु के लोगों के लिए वॉक-इन रजिस्ट्रेशन की सुविधा शुरू कर दी है। इसके अलावा कोविन डिजिटल पोर्टल पर एक ही मोबाइल नंबर से चार लोगों के लिए रजिस्ट्रेशन की सुविधा दी गई है।












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