Anand Mohan case: रिहाई के खिलाफ आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, जी. कृष्णया की पत्नी ने डाली थी याचिका
आनंद मोहन की रिहाई को लेकर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। 5 दिसंबर 1994 को डीएम जी. कृष्णैया की हत्या हुई थी। उसमें वो दोषी पाया गया था।

बिहार में पूर्व सांसद आनंद मोहन की रिहाई का मुद्दा सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था, जिसमें आज सुनवाई होगी। उसके खिलाफ आईएएस जी. कृष्णैया की पत्नी ने याचिका दायर की थी। साथ ही कोर्ट से रिहाई को रद्द करने की मांग की।
दरअसल बिहार सरकार ने हाल ही में एक कानून में बदलाव किया। उसी के तहत 27 अप्रैल की सुबह आनंद मोहन की रिहाई हुई। वो सहरसा जेल में था। कृष्णैया के परिवार और विपक्षी दलों ने इसका खूब विरोध किया। साथ ही बिहार सरकार से रिहाई रद्द करने की मांग की।
बिहार सरकार ने जब नहीं सुनी, तो कृष्णैया की पत्नी उमा देवी सुप्रीम कोर्ट पहुंचीं और इस आदेश को रद्द करने की मांग की। 60 साल की उमा इस बारे में मीडिया से बात करते हुए रोने लगीं। उन्होंने कहा कि मुझे इसके बारे में पता भी नहीं था। फिर मुझे किसी ने बताया, तो मेरा मन उदास हो गया। इस फैसले ने मेरे मन की शांति छीन ली।
उमा के मुताबिक बिहार सरकार का ये फैसला सभी सिविल सेवकों, सरकारी अधिकारियों और आम लोगों के बारे में है, जो माफिया से प्रताड़ित थे। अब वो इसका खामियाजा भुगतेंगे, क्योंकि माफिया को अंजाम का डर नहीं रहेगा। ये फैसला गुंडों को कानून अपने हाथ में लेने के लिए प्रोत्साहित करेगा। बिहार में उस वक्त भी माफिया राज था और आज भी है।
1994 का है मामला
ये मामला 5 दिसंबर 1994 का है। गैंगस्टर छोटन शुक्ला की हत्या के बाद मुजफ्फरपुर इलाके में तनाव था। उस दिन हजारों की भीड़ सड़क पर प्रदर्शन कर रही थी। जी कृष्णैया गोपालगंज के डीएम थे और एक मीटिंग से लौट रहे थे। उनकी गाड़ी भीड़ के बीच फंस गई। कुछ ही देर में उग्र लोगों ने उनके वाहन पर हमला कर दिया। जिसमें उनकी मौत हो गई। आरोप है कि भीड़ को आनंद मोहन ने उकसाया था।












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