कांग्रेस नेता पवन खेड़ा अंतरिम जमानत पर रिहा, SC ने भेजा असम और यूपी पुलिस को नोटिस
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर विवादित टिप्पणी के मामले में गिरफ्तारी के कुछ ही घंटे बाद कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को जमानत मिल गई। कोर्ट ने उन्हें 28 फरवरी तक राहत दी है।

Pawan Khera Row: कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की ओर पीएम मोदी के पिता को लेकर दिए गए विवादित बयान पर असम पुलिस कार्रवाई के कुछ ही घंटे बाद उन्हें अदालत ने रिहा करने का आदेश जारी कर दिया। पवन खेड़ा को ये राहत सुप्रीम कोर्ट ने दी है। अदालत ने 28 फरवरी यानी अगले हफ्ते के मंगलवार तक उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि सुनवाई की अगली तारीख तक याचिकाकर्ता को द्वारका कोर्ट से अंतरिम जमानत पर रिहा किया जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर विवादित टिप्पणी के मामले में असम पुलिस ने कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा को गुरुवार को गिरफ्तार किया था। लेकिन कुछ ही घंटे में हाई वोल्टेज ड्रामे के बाद उन्हें सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत मिल गई। अदालत के इस आदेश असम पुलिस के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। अदालत ने उन्हें 30 हजार रुपये के मुचलके पर अंतरिम जमानत दी है। हालांकि पवन खेड़ा को अगल हफ्ते मंगलवार तक ही गिरफ्तारी राहत रहेगी। नियमित बेल के लिए खेड़ा को आगे को कोर्ट में अर्जी लगानी होगी।
पीएम मोदी के पिता पर विवादित टिप्पणी के मामले में गिरफ्तारी के बाद अंतरिम जमानत मंजूर करने के साथ ही यूपी और असम राज्यों को भी नोटिस जारी किया। खेड़ा खिलाफ दर्ज एफआईआर को समेकित करने की बात की गई। मामले में सीजेआई डी वाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति एमआर शाह और न्यायमूर्ति पीएस नरसिम्हा की खंडपीठ ने खेड़ा के वकील वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी के बयान को दर्ज किया। जिसमें उन्होंने कहा कि खेड़ा अपने बयान पर बिना शर्त माफी मांगेंगे।
जमानत याचिका में पवन खेड़ा के वकील वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने अदालत को बताया कि खेड़ा ने अपने बयान के बाद ट्वीटर स्पष्टीकरण दिया था। उन्होंने कहा था कि पीएम मोदी के बारे में बयान के संबंध में एक वास्तविक गलती की है। सिंघवी ने खेड़ा पर कार्रवाई को लेकर पुलिस पर आरोप लगाया कि मामले में गिरफ्तारी से पहले सीआरपीसी की धारा 41ए के तहत कोई पूर्व सूचना नहीं दी गई। इसके साथ मामले जिन धाराओं के तहत कार्रवाई की गई उस पर खेड़ा के अधिवक्ता ने सवाल उठाए। उन्होंने अदालत में कहा कि अगर एक राजनीतिक बयान को लेकर 153ए, 153बी और 295ए का इस्तेमाल किया जाता है तो ये गलत है। मामले में खेड़ा के खिलाफ कई जगहों पर दर्ज हुए एफआईआर पर भी अधिवक्ता मनु सिंघवी ने चिंत व्यक्त की। उन्होंने अदालत में सभी प्राथमिकी को समेकित कर एक साथ सुनवाई की अपील की।
दरअसल, बृहस्पतिवार को कांग्रेस नेता पवन खेड़ा दिल्ली हवाईअड्डे से पूर्वाह्न 11 बजे उड़ान भरने वाले थे, लेकिन उन्हें विमान से उतार दिया गया। खेड़ा को उनके खिलाफ असम में भादवि की धारा 153ए, 153बी, 295, 505 के तहत मामला दर्ज मामले में गिरफ्तार किया गया। इसी विवादित टिप्पणी के मामले में कांग्रेस नेता के खिलाफ असम के अलावा लखनऊ और वाराणसी में शिकायतें दर्ज की गई हैं।
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