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NEET UG Paper Leak: परीक्षा का पूरा रिजल्ट ऑनलाइन करें जारी, सुप्रीम कोर्ट ने दिया NTA को बड़ा आदेश

NEET UG Paper Leak: विवादों से घिरी राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा स्नातक (NEET-UG 2024) परीक्षा मामले आज की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में पुरी हो गई है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में नीट को बड़ा आदेश देते हुए कहा कि वह अपनी वेबसाइट पर NEET-UG परीक्षा में छात्रों द्वारा प्राप्त अंकों को प्रकाशित करें। साथ ही, छात्रों की पहचान भी गुप्त रखी जाए।

सुप्रीम कोर्ट नीट को आदेश देते हुए कहा कि परिणाम शहर और केंद्र के हिसाब से अलग-अलग घोषित किए जाने चाहिए। इसके लिए कोर्ट नीट को शनिवार 12 बजे तक समय दिया है। इतना ही नहीं, इस मामले में अगली सुनवाई के लिए 22 जुलाई की तारीख तय की है। वहीं, याचिकाकर्ता के वरिष्ठ अधिवक्ता नरेंद्र हुड्डा ने इस पूरे मामले पर मीडिया से बातचीत की।

Narendra Hooda

वरिष्ठ वकील हुड्डा ने कहा, 'हमने सुप्रीम कोर्ट में वे सभी बातें उठाईं जो यह संकेत देती हैं कि पेपर लीक हुआ है। पेपर सिर्फ हजारीबाग और पटना में ही नहीं, बल्कि अन्य जगहों पर भी लीक हुआ है। कोर्ट ने अगली सुनवाई सोमवार को तय की है। बिहार पुलिस और भारत सरकार को निर्देश दिया गया है कि वे बिहार पुलिस की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट रिकॉर्ड पर लाएं।'

साथ ही, एनटीए को निर्देश दिया गया है कि वे सभी उम्मीदवारों के परिणाम अपनी वेबसाइट पर घोषित करें। आज इस मामले में क्या-क्या हुआ जानिए...

नीट यूजी पेपर लीक मामले की सुनवाई बुधवार 18 जुलाई की सुबह 11 बजकर 15 मिनट पर शुरू हुई। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता में तीन जजों की बेंच ने इस मामले की सुनवाई की। चीफ जस्टिस की कोर्ट ने कहा कि पुन: परीक्षा पर तभी विचार केवल तभी किया जा सकता है, जब यह साबित हो जाए कि परीक्षा में बड़े पैमाने पर 'गड़बड़ी' हुई है।

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ वकील नरेंद्र हुड्डा ने जिरह करते हुए कहा कि 'वो ट्रंक जिसमें नीट के पेपर थे, 3 मई को हजारीबाग में ई-रिक्शा पर खुले में घूमता मिला था। इसे स्कूल के प्रिंसिपल ने रिसीव किया था। सीबीआई ने प्रिंसिपल को अरेस्ट किया है। लेकिन एनटीए एफिडेविट में इसका जिक्र नहीं है।'

इतना ही नहीं, वकील का कहना है कि प्रश्नपत्रों के परिवहन में तब समझौता हुआ जब 6 दिनों तक पेपर एक निजी कूरियर कंपनी के हाथों में थे और पेपर को हजारीबाग में ई-रिक्शा में ले जाया जा रहा था। समाचार एजेंसी एएनआई की खबर के मुताबिक, याचिकाकर्ताओं के वकील हुड्डा ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि लीक हुए पेपर का प्रसार 3 मई से ही शुरू हो गया था।

वकील हुड्डा ने आगे कहा कि टेलीग्राम वीडियो से मिले साक्ष्यों से पता चलता है कि हल किए गए पेपर 4 मई को प्रसारित किए जा रहे थे। कहा कि एनटीए कोर्ट को भटका रही है। जो डेट और समय वो दिखा रहे हैं वो टेलीग्राम चैनल में अपीयर नहीं होते। CJI डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि किसी के ऐसा करने का उद्देश्य NEET परीक्षा को राष्ट्रीय स्तर पर तमाशा बनाना नहीं है।

लोग पैसे के लिए ऐसा कर रहे थे। इसलिए, यह परीक्षा को बदनाम करने के लिए नहीं था, बल्कि पैसे कमाना का था, जो स्पष्ट है। CJI ने कहा कि आपके अनुसार छात्रों को सुबह 10.15 बजे पेपर मिला। इसमें 180 प्रश्न हैं। क्या यह संभव है कि सुबह 9.30 से 10.15 बजे के बीच कोई समस्या हल करने वाला होगा और 45 मिनट में छात्रों को उसका हल दे देगा?

इसके जवाब में सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि पेपर हल करने वाले 7 लोग थे और उन्होंने 25-25 प्रश्न हल किए। सीजेआई ने कहा कि यह पूरी परिकल्पना कि 45 मिनट के भीतर ही उल्लंघन हुआ और पूरा पेपर हल करके छात्रों को दे दिया गया। वहीं, अब सुप्रीम कोर्ट नीट मामले में आदेश जारी करते हुए कहा कि परीक्षा का पूरा रिजल्ट ऑनलाइन डाला जाए।

परीक्षा केंद्र को भी जानकारी साझा की जाए। इतना ही नहीं, छात्रों की पहचान सार्वजनिक ना हो। कोर्ट ने शनिवार 12 बजे तक सारी जानकारी ऑनलाइन करने के लिए कहा। वहीं, अब इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 22 जुलाई की तारीख तय की है।

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