गो रक्षा के नाम पर हिंसा पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, राज्यों को दिए अहम निर्देश
गो रक्षा के नाम पर हिंसा पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, सात दिन के भीतर टास्क फोर्स के गठन का दिया आदेश
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने गो रक्षा के नाम पर हो रही हिंसा पर तल्ख टिप्पणी करते हुए राज्य सरकारों को इसे रोकने के लिए कदम उठाने को कहा है। कोर्ट ने राज्य सरकारों को इस बाबत सख्त कदम उठाने को कहा है। कोर्ट ने कहा कि गो रक्षा के नाम पर हिंसा को रोकने के लिए सभी राज्य हर जिले में एक नोडल अधिकारी नियुक्त करें। कोर्ट ने कहा कि वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को नोडल अधिकारी बनाया जाए।

हाईवे पर होने वाली हिंसा को रोकने के लिए कोर्ट ने कहा कि इसके लिए पेट्रोलिंग को बढ़ाया जाए। साथ ही कोर्ट ने अगले सात दिन के भीतर टास्क फोर्स का गठन करने कहा है। कोर्ट ने कहा कि राज्यों के मुख्य सचिव और डीजीपी इस बाबत आपस में बैठक करें। वहीं केंद्र सरकार के प्रतिनिधि एएसजी तुषार मेहता ने कोर्ट में कहा कि गो हत्या के नाम पर हिंसा को रोकने के लिए पहले से कानून मौजूद है ताकि इस तरह की किसी भी घटना से निपटा जा सके।
कोर्ट ने दिखाया सख्त रुख
गोरक्षा के नाम पर हिंसा पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी करते हुए तमाम राज्यों की सरकार को निर्देश दिया है कि वह गो रक्षा के नाम पर हो रही हिंसा पर कड़ी नजर रखे और एक टास्क फोर्स का गठन करें जोकि इस तरह की घटनाओं पर रोक लगा सके, कोर्ट ने इस टास्क फोर्स के गठन के लिए राज्यों को सात दिन का समय दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने 7 अगस्त को छह राज्यों से इस बाबत जवाब मांगा था। कोर्ट ने यह तमाम अहम निर्देश एक्टविस्ट तहसीन पूनावाला द्वारा गत वर्ष 21 अक्टूबर को दायर की गई याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए हैं। पूनावाला ने याचिका दायर करके कहा था था कि गो रक्षा के नाम पर दलितों और अल्पसंख्यको के साथ हिंसा की जा रही है।












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