सुप्रीम कोर्ट की समिति ने अनशनकारी जगजीत सिंह डल्लेवाल से की मुलाकात, चिकित्सा सहायता लेने के लिए की अपील
Farmer Protest: न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर कानूनी गारंटी की मांग को लेकर 26 नवंबर 2024 से अनशन पर बैठे जगजीत सिंह डल्लेवाल से सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त उच्च-स्तरीय समिति ने मुलाकात की।
समिति की अपील और अनशनकारी का रुख
पूर्व पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के न्यायाधीश नवाब सिंह की अध्यक्षता वाली समिति ने डल्लेवाल से चिकित्सा सहायता स्वीकार करने की अपील की। न्यायाधीश नवाब सिंह ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि हम वाहेगुरु से प्रार्थना करते हैं कि वह स्वस्थ रहें। उनका स्वास्थ्य हमारी प्राथमिकता है।डल्लेवाल ने समिति को बताया कि मेरे लिए खेती और किसानों की भलाई मेरे स्वास्थ्य से अधिक महत्वपूर्ण है।

समिति की संरचना और उद्देश्य
सुप्रीम कोर्ट ने सितंबर 2024 में विरोध कर रहे किसानों की शिकायतों को सुलझाने के लिए यह समिति बनाई थी। इसमें सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी बीएस संधू, कृषि विशेषज्ञ देविंदर शर्मा, प्रोफेसर रणजीत सिंह घुमान और पंजाब कृषि विश्वविद्यालय के डॉ. सुखपाल सिंह शामिल हैं। समिति ने आंदोलन को समाप्त करने के बजाए डल्लेवाल की भलाई सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा।
पृष्ठभूमि और किसान आंदोलन
सम्युक्त किसान मोर्चा गैर-राजनीतिक के संयोजक डल्लेवाल और अन्य किसान 13 फरवरी 2024 से शंभू और खानाउरी सीमा बिंदुओं पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। उनकी मुख्य मांग न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कानूनी गारंटी है। सुरक्षा बलों ने दिल्ली की ओर उनके मार्च को रोक दिया था।
पंजाब सरकार और सुप्रीम कोर्ट की भूमिका
सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार ने वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल के माध्यम से समिति की नियोजित बैठक की जानकारी दी। सुप्रीम कोर्ट ने इस मुद्दे के सौहार्दपूर्ण समाधान के लिए समिति का गठन किया था।
किसान आंदोलन की महत्ता
यह आंदोलन भारत में कृषि स्थिरता और किसानों की आर्थिक सुरक्षा के प्रति गहरी चिंताओं को उजागर करता है। न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी, किसानों के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। सुप्रीम कोर्ट की भागीदारी इस मुद्दे को हल करने के लिए संवेदनशील और न्यायसंगत दृष्टिकोण की आवश्यकता पर जोर देती है।












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