• search
क्विक अलर्ट के लिए
अभी सब्सक्राइव करें  
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts
Oneindia App Download

Benami Act पर सुप्रीम कोर्ट की दो टूक- 2016 का संशोधन असंवैधानिक, पुराने मामलों पर प्रभावी नहीं

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि 2016 में संशोधित Benami Act की धारा 3 (2) असंवैधानिक है। Supreme Court Benami Act Amendment unconstitutional
Google Oneindia News

नई दिल्ली, 23 अगस्त : सुप्रीम कोर्ट ने कहा, बेनामी अधिनियम में 2016 में किए गए संशोधन का पूर्वव्यापी प्रभाव नहीं (Benami Act amendment no retrospective effect) होगा। यानी इसका मतलब 2016 में हुए संशोधन के पहले दर्ज हुए बेनामी संपत्ति मामलों में कानून के संशोधन का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। देश की सबसे बड़ी अदालत ने ये भी कहा कि बेनामी लेनदेन (निषेध) अधिनियम 1988 की धारा 3 (2) असंवैधानिक है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि 2016 में संशोधित Benami Act की धारा 3 (2) भी असंवैधानिक है।

Supreme Court Benami Act 2016

Recommended Video

    Benami Property Act को लेकर Supreme Court ने पलटा Modi Government का कानून | वनइंडिया हिंदी |*News

    सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को बेनामी लेनदेन (निषेध) अधिनियम 1988 की धारा 3 (2) पर बहस हुई। चीफ जस्टिस एनवी रमना, न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी और न्यायमूर्ति हिमा कोहली की पीठ ने कहा, Benami Act की धारा धारा 3 (2) स्पष्ट रूप से मनमाना प्रावधान है। इसलिए कोर्ट इसे असंवैधानिक घोषित करती है।

    सुप्रीम कोर्ट में बेनामी कानून की किस धारा को मनमाना कहा

    अदालती कार्यवाही से जुड़ी खबरों का श्रोत लाइव लॉ डॉट कॉम की रिपोर्ट के मुताबिक 1988 की Benami Act की धारा 3(2) में प्रावधान था कि जो कोई भी किसी भी बेनामी लेनदेन में प्रवेश करता है, उसे कारावास या जुर्माने की सजा दी जाएगी। प्रावधान था कि कैद की अवधि को तीन साल तक बढ़ाया जा सकता है कैद के साथ जुर्माना भी लगाया जा सकता है। सजा के रूप में केवल कैद या कैद के साथ जुर्माना दोनों तरह से दंडित करने का प्रावधान था।

    2016 का संशोधन भी असंवैधानिक

    सुप्रीम कोर्ट ने बेनामी एक्ट के इस प्रावधान पर कहा, "1988 के असंशोधित अधिनियम की धारा 3 (2) को स्पष्ट रूप से मनमाना होने के कारण असंवैधानिक घोषित किया गया है। तदनुसार, 2016 अधिनियम की धारा 3 (2) भी असंवैधानिक है क्योंकि यह संविधान के अनुच्छेद 20 (1) का उल्लंघन है।"

    कोर्ट ने कहा कि बेनामी लेनदेन (निषेध) संशोधन अधिनियम 2016 को पूर्वव्यापी रूप से लागू नहीं (cannot be applied retrospectively) किया जा सकता है। कोर्ट ने कहा कि 2016 के संशोधन को केवल प्रक्रियात्मक नहीं माना जा सकता।

    बता दें कि चीफ जस्टिस एनवी रमना, न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी और न्यायमूर्ति हिमा कोहली की पीठ में बेनामी कानून का मामला कलकत्ता उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ आया था। केंद्र सरकार ने कलकत्ता हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील कर कहा था, 2016 का संशोधन बेनामी कानून प्रकृति में संभावित (prospective in nature) था।

    ये भी पढ़ें- Subramanian Swamy ने क्यों कहा- 'No कहा तो 2024 में नरेंद्र मोदी की हार तय'ये भी पढ़ें- Subramanian Swamy ने क्यों कहा- 'No कहा तो 2024 में नरेंद्र मोदी की हार तय'

    Comments
    English summary
    Supreme Court Benami Act Amendment unconstitutional
    देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
    For Daily Alerts
    तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
    Enable
    x
    Notification Settings X
    Time Settings
    Done
    Clear Notification X
    Do you want to clear all the notifications from your inbox?
    Settings X
    X