जजों के मसले पर सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन की आपात बैठक, कई अहम फैसले
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के चार जजों की शुक्रवार को हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद सुप्रीम कोर्ट बार काउंसिल की आज (शनिवार)को आपात बैठक बुलाई गई है। बैठक में कई अहम फैसले लिए गए हैं। सुप्रीम कोर्ट बार काउंसिल के अध्यक्ष विकास सिंह ने बताया है कि हमने आपात बैठक बुलाकर कुछ अहम फैसले लिए हैं, जिसमें सबसे अहम उच्चतम न्यायालय के चार जजों के मीडिया के सामने उठाए मुद्दों के जल्द से जल्द हल की मांग है। बैठक में एक और अहम निर्णय ये हुआ है कि पीआईएल से जुड़े जो मामले हैं, उन्हें चीफ जस्टिस पांच जजों के कोलेजियम को सौंपें। विकास सिंह ने कहा कि न्याय पर लोगों की आस्था बनी रहे, उसके लिए बैठक बुलाकर अहम निर्णय लिए गए हैं।

चीफ जस्टिस को भेजा है रिजॉल्यूशन
सुप्रीम कोर्ट बार काउंसिल के अध्यक्ष विकास सिंह ने बताया है कि बैठक में सर्वसम्मति से लिए गया रिजॉल्यूशन चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया को भी भेजा है। काउंसिल ने मांग की है कि जल्दी से जल्दी इस मामले को सुलझाया जाए। विकास सिंह ने कहा कि हम चीफ जस्टिस और उसके बाद दूसरे जजों से मीटिंग की भी कोशिश करेंगे।

बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने भी की बैठक
शनिवार को ही बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने भी इस मामले को लेकर बैठक की है। बैठक के बाद बार काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा ने कहा कि बैठक में एकमत से ये तय हुआ है कि काउंसिल का सात सदस्यों का एक डेलीगेशन सुप्रीम कोर्ट के न्यायधीशों से मिलेगा और मामले को खत्म करने की कोशिश करेगा। मनन कुमार मिश्रा ने कहा कि हम चाहते हैं कि ये मामला जल्दी से जल्दी निपट जाए।

भारतीय इतिहास में पहली बार जजों की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद है खलबली
भारत के इतिहास में पहली बार शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट के चार जजों ने मीडिया से बात की। चीफ जस्टिस के बाद सुप्रीम कोर्ट के सबसे सीनियर जस्टिस जे चेलमेश्वर ने कई सवाल न्यायपालिका और चीफ जस्टिस के बर्ताव पर खड़े किए हैं। इस प्रेस वार्ता में न्यायाधीश चेलमेश्वर, न्यायाधीश जोसेफ कुरियन, न्यायाधीश रंजन गोगोई और न्यायाधीश एम बी लोकुर मौजूद थे। न्यायाधीश चेलमेश्वर ने कहा कि चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया ने भ्रष्टाचार की शिकायत नहीं सुनी, हम नहीं चाहते हैं कि 20 साल बाद हम पर कोई आरोप लगे। न्यायाधीश चेलमेश्वर ने कहा कि जजों के बारे में CJI को शिकायत की थी लेकिन चीफ जस्टिस ने हमारी बात नहीं सुनी। न्यायाधीश चेलमेश्वर ने कहा कि हम देश का कर्ज अदा कर रहे हैं। मजबूर हो कर मीडिया के सामने आना पड़ा, अब चीफ जस्टिस पर देश फैसला करे।












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