UNICEF से जुड़े आयुष्मान खुराना, बच्चों के यौन शोषण के खिलाफ फैलाएंगे जागरूकता
नई दिल्ली। बेहद ही कम फिल्मों के जरिए लोगों के दिलों में जगह बनाने वाले आयुष्मान खुराना के कंधों पर अहम जिम्मेदारी आ गई है, दरअसल आयुष्मान अब UNICEF से जुड़ गए हैं, वो अब यूनिसेफ के महिला एवं बाल विकास विभाग से जुड़कर महिलाओं और बच्चों के प्रति यौन अपराध के खिलाफ जागरूकता फैलाएंगे। आयुष्मान खुराना 'पॉक्सो ऐक्ट' पर काम करेंगे।

UNICEF से जुड़े आयुष्मान खुराना
इस मुद्दे से जुड़ने पर आयुष्मान ने कहा कि सामाजिक तौर पर जिम्मेदार नागरिक होने के नाते मैं हमेशा उन मुद्दों को उठाना चाहूंगा जो समाज के लिए जरूरी हैं और जिनपर तुरंत कुछ करने की जरूरत है। पॉक्सो बच्चों को यौन हिंसा से बचाने का एक अच्छा प्रयास है, मैं सरकार और यूनिसेफ की तारीफ करता हूं कि वे बच्चों को इससे बचाने के लिए कदम उठा रहे हैं।

क्या है 'पॉक्सो ऐक्ट'
पॉक्सो शब्द अंग्रेजी से आता है जिसका मतलब है प्रोटेक्शन आफ चिल्ड्रेन फ्राम सेक्सुअल अफेंसेस एक्ट 2012 यानी लैंगिक उत्पीड़न से बच्चों के संरक्षण का अधिनियम 2012, इस एक्ट के तहत नाबालिग बच्चों के साथ होने वाले यौन अपराध और छेड़छाड़ के मामलों में कार्रवाई की जाती है, यह एक्ट बच्चों को सेक्सुअल हैरेसमेंट, सेक्सुअल असॉल्ट और पोर्नोग्राफी जैसे गंभीर अपराधों से सुरक्षा प्रदान करता है।

अलग-अलग अपराध के लिए अलग-अलग सजा
सरकार ने वर्ष 2012 में इस विशेष कानून को बनाया था, इस कानून के तहत अलग-अलग अपराध के लिए अलग-अलग सजा तय की गई है. जिसका कड़ाई से पालन किया जाना भी सुनिश्चित किया गया है, इस अधिनियम की धारा 4 के तहत वो मामले शामिल किए जाते हैं जिनमें बच्चे के साथ दुष्कर्म या कुकर्म किया गया हो, इसमें सात साल सजा से लेकर उम्रकैद और अर्थदंड भी लगाया जा सकता है।












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