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एतिहासिक इमारतों सरकार के अधीन होंगींं या वंशजों के, बने समान कानून: देवबंदी मौलाना

एतिहासिक इमारतें पर बने समान कानून: देवबंदी मौलाना

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट में ताज महल पर सुन्नी वक्फ बोर्ड के मालिकाने दावे को लेकर देवबंदी उलेमा ने कहा है कि सरकार को इस बाबत कानून बनाकर साफ करना चाहिए कि ऐतिहासिक इमारतें पुरातत्व विभाग के अधीन होंगी या फिर उनके वंशजों और वक्फ बोर्ड के पास रहेंगी। उलेमाओं ने कहा है कि देश में बहुत सी एतिहासिक इमारतें वंशजों के पास हैं तो बहुत सारी इमारतें सरकार के पास। ऐसे में इस पर एक कानून की जरूरत है।

राजस्थान में इमारतें वंशजों के पास क्यों

राजस्थान में इमारतें वंशजों के पास क्यों

तंजीम उलेमा ए हिंद के प्रदेशाध्यक्ष मौलाना नदीमउल वाजदी ने कहा है कि मुल्क में बहुत सारी ऐतिहासिक इमारतें आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के अधीन आती हैं लेकिन राजस्थान, मध्य प्रदेश और दूसरे कई प्रदेशों की कई ऐतिहासिक इमारतें आज भी उनके वंशजों के पास हैं। उन्होंने कहा कि देश की सभी मस्जिदें और दरगाह सुन्नी वक्फ बोर्ड के अधीन हैं तो फिर ताजमहल, लाल किला और किलों में स्थित मस्जिदों पर भी स्थिति साफ होनी चाहिए। सरकार कानून लाकर साफ करे कि किन स्थितियों में ऐतिहासिक इमारतें आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के अधीन होंगी और किस स्थिति में उनके वंशजों या वक्फ बोर्ड के अधीन।

 अदालत को दस्तावेज दिखाए वक्फ बोर्ड

अदालत को दस्तावेज दिखाए वक्फ बोर्ड

उलेमा ए हिंद के नदीमउल वाजदी ने कहा है कि ताजमहल को लेकर सुन्नी वक्फ बोर्ड ने सुप्रीम कोर्ट में जो दावेदारी की है, इसको साबित करने के लिए बोर्ड को दस्तावेज अदालत के सामने रखने चाहिएं। उन्होंने कहा कि बोर्ड ने अदालत में ये दावा किया है कि ताजमहल पर उनका मालिकाना हक है, अब उनको अदालत को सुबूत देने चाहिएं।

 नरम पड़ा वक्फ बोर्ड

नरम पड़ा वक्फ बोर्ड

ताजमहल पर मालिकाना हक का दावा करने वाला उत्तर प्रदेश सुन्नी वक्फ बोर्ड अब मामले को लेकर नरम पड़ता दिख रहा है।वक्फ बोर्ड ने मंगलवार को कहा कि ताजमहल का असली मालिक खुदा है, जब कोई सम्पति वक्फ को दी जाती है, वो खुदा की संपत्ति बन जाती है। बोर्ड ने दावा किया था कि बादशाह शाहजहां ने वक्फ को ताजमहल दिया था, इस पर पिछली सुनवाई में कोर्ट ने वक्फ बोर्ड की दावेदारी जताने पर शाहजहां के हस्ताक्षर वाला डॉक्यूमेंट पेश करने को कहा था। इस मामले की अगली सुनवाई 27 जुलाई को होगी।

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