Sunita Williams News: कब पृथ्वी पर लौटने वालीं हैं सुनीता? स्पेस में कौन सी चुनौतियां झेल रहीं? जानें सबकुछ
Sunita Williams News Updates: अंतरिक्ष यात्रा जितनी रोमांचक दिखती है, उतनी ही चुनौतीपूर्ण भी होती है। माइक्रोग्रैविटी, अलगाव, और अनिश्चितता अंतरिक्ष यात्रियों के लिए सबसे कठिन अनुभव होते हैं। लेकिन इस सफर से मिलने वाला ज्ञान और अनुभव उन्हें हमेशा प्रेरित करता है। अब सभी की नजरें इस पर हैं कि नासा के अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स, निक हॉज और बुच विल्मोर कब सुरक्षित धरती पर लौटेगी!
खबर है कि सुनीता विलियम्स और उनके साथी बुच विल्मोर लगभग 10 महीने बाद आखिरकार घर लौटने की तैयारी कर रहे हैं। वे पिछले साल जून 2024 में बोइंग स्टारलाइनर कैप्सूल के जरिए 8 दिन के मिशन पर गए थे, लेकिन तकनीकी खराबी के कारण उन्हें कक्षा में अधिक समय बिताना पड़ा। अब स्पेसएक्स क्रू-10 मिशन 12 मार्च को लॉन्च होगा, जो उनके प्रतिस्थापन को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर लाएगा।

नासा के अनुसार, 19 मार्च को सुनीता और बुच पृथ्वी पर वापसी करेंगे। इस बीच, सुनीता विलियम्स का वीडियो सामने आया है। इसमें उन्होंने अंतरिक्ष में बिताए इन खास दिनों के बारे में जब उनसे पूछा गया, तो उन्होंने बेहद दिलचस्प और चौंकाने वाले जवाब दिए। आइए जानते हैं...
Sunita Williams Space Challenges: अंतरिक्ष में सबसे बड़ी चुनौतियां क्या हैं?
- जब सुनीता विलियम्स से पूछा गया कि अंतरिक्ष में किन चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, तो उन्होंने कहा -
- 'परिवार और दोस्तों की याद सबसे ज्यादा आती है - मिशन पर होने के कारण हमें रोज़ नए अनुभव मिलते हैं, लेकिन हमारे परिवार और दोस्त धरती पर हमें मिस कर रहे होते हैं।'
- 'अनिश्चितता मुश्किल होती है - धरती पर मौजूद लोगों को यह नहीं पता होता कि हम कब लौटेंगे।'
- 'माइक्रोग्रैविटी में काम करना सीखना पड़ता है - अंतरिक्ष में गुरुत्वाकर्षण नहीं होता, इसलिए हर चीज़ हवा में तैरती रहती है। ऐसे में सामान्य काम करना भी चुनौती बन जाता है।'
- 'लंबे समय तक अलगाव महसूस होता है - क्योंकि हम पूरी तरह एक बंद वातावरण में होते हैं, जहां हर चीज अलग तरीके से काम करती है।'
धरती लौटने पर सबसे ज्यादा क्या याद आएगा?
सुनीता ने कहा कि जब वह धरती पर लौटेंगी, तो स्पेस स्टेशन की हर बात याद आएगी। आगे कहा, 'हम एक बहुत ही खास जगह पर रह रहे हैं, जहां हर दिन नया अनुभव होता है। यह आपको 'आउट ऑफ द बॉक्स' सोचने की आदत डालता है और समस्याओं को हल करने का नया तरीका सिखाता है।' उन्होंने यह भी बताया कि स्पेस स्टेशन पर बिताए गए ये पल उन्हें हमेशा प्रेरित करते रहेंगे।
ISS से लौटने के बाद कितनी मुश्किलें आएंगी?
- फिर से चलना सीखना होगा - भारहीनता में रहने के कारण मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं, जिससे चलने और संतुलन बनाने में कठिनाई होती है।
- हड्डियों और मांसपेशियों की कमजोरी - माइक्रोग्रैविटी में रहने के कारण हड्डियों का घनत्व कम हो जाता है और मांसपेशियां सिकुड़ जाती हैं।
- रेडिएशन का खतरा - अंतरिक्ष में ज्यादा समय बिताने से ब्रह्मांडीय विकिरण का असर पड़ता है, जिससे कैंसर जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
- 6 हफ्ते तक मेडिकल मॉनिटरिंग होगी - नासा के डॉक्टरों का मानना है कि सुनीता और बुच को पूरी तरह से स्वस्थ होने में लगभग 6 हफ्ते का समय लग सकता है।
नासा और स्पेसएक्स की अगली योजना क्या है?
- थ्रस्टर खराबी की जांच जारी है - नासा और स्पेसएक्स यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि थ्रस्टर में खराबी क्यों आई।
- अंतरिक्ष मिशनों के लिए सबक - इस घटना से मिले डेटा का उपयोग भविष्य के मिशनों को और सुरक्षित बनाने में किया जाएगा।
- चंद्रमा और मंगल मिशन की तैयारी - नासा और स्पेसएक्स यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि लंबे समय तक अंतरिक्ष में रहने वाले यात्रियों को सुरक्षित तरीके से वापस लाया जा सके।
सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर का मिशन क्यों लंबा हो गया?
सुनीता और बुच 5 जून 2024 को बोइंग स्टारलाइनर अंतरिक्ष यान के जरिए स्पेस स्टेशन पहुंचे थे। यह बोइंग की पहली क्रू उड़ान थी, जिसमें इंसानों को अंतरिक्ष में भेजा गया था। हालांकि, कुछ तकनीकी दिक्कतों के कारण उनका मिशन तय समय से लंबा हो गया, दोनों फंस गए। अब वे स्पेसएक्स क्रू-9 के साथ वापस लौटने वाले हैं।












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